नूंह के बुखारका गांव के सरकारी स्कूल के नवीकरण से स्थानीय समुदाय गदगद

सोनिया चोपड़ा ।
हरियाणा के नूंह जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए फ्लोर डैनियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से प्राप्त वित्तीय सहायता से एस एम सहगल फाउंडेशन ने स्थानीय समुदाय, पंचायत और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों के साथ मिलकर बुखारका गाँव के माध्यमिक स्कूल में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की पहल की है। स्कूल नवीनीकरण की शुरुआत अप्रैल 2018 में की गयी थी जिसके सफलतापूर्वक पूरा होने पर आज स्कूल परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित कर इसे स्थानीय समुदाय, बच्चों, अध्यापकों व अभिभावकों को सौंप दिया गया, जिससे स्कूल के बच्चों, उनके अभिभावकों तथा स्थानीय समुदाय में खुशी की लहर है । इस कार्यक्रम में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्र के जिला शिक्षा अधिकारी श्री राम कुमार सालवाल ने कहा कि “शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देना हम सब की जिम्मेदारी है क्योंकि आज के बच्चे ही कल के भारत का भविष्य हैं। हमें बच्चों को पढ़ने के लिए उचित वातावरण देना चहिये ताकि उनका पढाई में मन लगे”। इस अवसर पर क्षेत्र के ब्लाक शिक्षा अधिकारी श्री अब्दुल रहमान खान भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में फ्लोर डैनियल के प्रबंध निदेशक अरुण कुमार जैन ने ‘’स्कूल प्रशासन, पंचायत व स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) को धन्यवाद दिया और कहाकि उन्हें बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षा के लिए सहयोग देने में आपार हर्ष हो रहा है । उन्होंने ग्रामीणों से अपील कि वह अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए स्कूल में नामांकन ज़रूर करवाएं”। 
इस अवसर पर सहगल फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय पाण्डेय व ग्रामीण कार्यक्रम की डायरेक्टर अंजली मखीजा के साथ ही बड़ी संख्या में स्कूल के अध्यापक, बच्चे, पंचायत सदस्य व स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्य भी शामिल हुए। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित सीखने का माहौल प्रदान करना है। इस परियोजना के के तहत स्कूल की चारदीवारी की ऊंचाई, लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था और उनकी मरम्मत, बच्चों के लिए पीने के पानी की सुविधा, कमरों की मरम्मत, रंग-रोगन आदि करवाया गया है। इसके अलावा खेल के मैदान की जमीन को समतल करना, फुटपाथ, वृक्ष लगाए गये और परिसर का सौंदर्यीकरण, स्कूल की इमारत की सफेदी, दीवार चित्र और शैक्षिक संदेश के बहुत सारे नारे बच्चों को प्रोत्साहित करने के लियें स्कूल के परिसर में लिखे गए हैं। साथ ही स्कूल में प्रवेश द्वार लगाया गया ताकि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा बनी रहे। सहगल फाउंडेशन ने स्कूल प्रबंधन समिति (एस एम सी) के सदस्यों को इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया ताकि जो कार्य स्कूल में किये गये हैं उनकी ठीक से देख-भाल हो सके और जो व्यवस्था बनाई गयी है वह लम्बे समय तक बनी रहे। एस एम सी के सदस्यों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई ताकि वह प्रभावी रूप से बच्चों के शिक्षा के अधिकार कानून को मजबूत बनाने में योगदान दे सकें और क्षेत्र में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह सके।
स्थानीय कौशल बढ़ाने के लिए परियोजना टीम द्वारा सदस्यों को स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को एसेट्स ऑपरेशन, मेन्टेनेंस, शिक्षा के अधिकार, शौचालय के प्रयोग, मलेरिया से बचाव एवं साफ पानी की जानकारी भी दी गयी। हाल ही में स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा गाँव में स्कूलों में बच्चों के नामांकन के लिए रैली भी निकाली गई ताकि प्रेरित होकर बच्चों के माता –पिता बच्चों का दाखिला स्कूल में करवाएं और उन्हें इसके लिए प्रेरित किया गया। स्कूल नवीकरण से स्कूल में सुरक्षित एवं समुचित माहौल को देखकर ग्रामीणवासियों में एक नयी उमंग एवं उत्साह देखने को मिला है और स्कूल प्रशासन भी यह आशा रखता है कि अधिक से अधिक बच्चे नामांकित होंगें व शिक्षा का लाभ उठाएँगें।

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