लोक सुराज अभियान जनता से जुड़ने का सशक्त माध्यम

रमेश पाण्डेय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पिछले 15 वर्षों से जनता के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं। इसके पीछे उनका सरल व्यक्तित्व महत्वपूर्ण कारक है। जनता के बीच पहुंचकर उनसे सीधे जुड़ने के लिए ‘लोकसुराज’ अभियान को उन्होंने अपना सशक्त माध्यम बना रखा है। गर्मी की चिलचिलाती दुपहरी में जब अफसर टूर प्रोग्राम बनाते हैं तो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जनता के बीच पहुंचने का सिलसिला शुरू करते हैं। यह सिलसिला महज कुछ दिन नहीं बल्कि पूरे माह तक चलता रहता है। वर्ष 2018 छत्तीसगढ़ के विधानसभा का चुनावी वर्ष है। ऐसे में ‘लोकसुराज’ अभियान की गंभीरता और बढ़ गयी है। प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान 2018 के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में आयोजित आवेदन संकलन शिविरों में लोगों से विभिन्न विषयों पर विभिन्न विभागों के लिए 30 लाख 10 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनका निराकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने आम जनता को लोक सुराज अभियान से संबंधित जानकारी देने के लिए वेबसाईट भी बनाया है। संकलन शिविरों में प्राप्त आवेदनों का संबंधित विभागों द्वारा निराकरण करते हुए वेबसाईट में दर्ज किया जा रहा है। कोई भी आवेदक इस वेबसाईट में अपने आवेदन पत्र का क्रमांक डालकर निराकरण की स्थिति देख सकता है। इस वर्ष का लोक सुराज अभियान भी तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 12 जनवरी से 14 जनवरी तक सभी विकासखण्ड मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के दफ्तरों में समाधान पेटी रखकर आवेदन पत्र संकलित किए गए थे। इस दौरान 30 लाख 10 हजार 425 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 28 लाख 05 हजार 640 आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों में और एक लाख 85 हजार 761 आवेदन शहरी क्षेत्रों में प्राप्त हुए। आॅनलाइन आवेदनों की संख्या 19 हजार 24 है। अब अभियान के दूसरे चरण में 15 जनवरी से 11 मार्च तक इन आवेदनों का परीक्षण और निराकरण किया जा रहा है। इसके बाद 12 मार्च से 31 मार्च तक सभी जिलों में ग्राम समूहों के बीच और शहरी क्षेत्रों में वार्ड समूहों के स्तर पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित सभी जिलों के प्रभारी मंत्री, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि भी इन समाधान शिविरों का दौरा करेंगे। समाधान शिविरों के सुचारू आयोजन के लिए प्रत्येक जिले में प्रशासनिक तैयारी की जा रही है। इन शिविरों में लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं का भी लाभ दिलाया जाएगा। इसके साथ ही आम जनता से आवेदन भी लिए जाएंगे और यथासंभव मौके पर ही उनका निराकरण भी किया जाएगा, जो आवेदन निराकृत नहीं होंगे उन्हें आगामी एक माह में निराकृत कर आवेदकों को सूचित किया जाएगा। इन समाधान शिविरों में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा विभिन्न इस महीने की 12 तारीख से शुरू हो रहे तीसरे चरण के लोक सुराज अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समाधान शिविरों के साथ-साथ सरकारी अस्पताल, छात्रावास, विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, महाविद्यालय, तहसील कार्यालय, राशन दुकान, बस स्टैंड एवं अनेक कार्यालय से लेकर खेत-खलिहान, चौपालों तक कहीं भी जाकर आकस्मिक निरीक्षण करेंगे तथा जनता से फीडबैक लेंगे। मंत्रीगण, संसदीय सचिव तथा प्रभारी सचिव भी अपने स्तर पर भ्रमण और निरीक्षण करेंगे।    मुख्यमंत्री भ्रमण और निरीक्षण के पश्चात जिला मुख्यालयों में अधिकारियों की बैठक लेंगे। इन बैठकों में समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदन के निराकरण तथा विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जिन स्थानों में रात्रि विश्राम करेंगे वहां के नागरिकों, विद्यार्थियों, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियां भेंट करेंगे।
 

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