खादी दे सकती है लाखों लोगों को रोजगार: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चर्चित कार्यक्रम मन की बात में एक बार फिर रेडियो पर देशवासियों से रूबरू हुए। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की सफलता पर कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें आमलोगों के साथ ऐसे बांधकर रखा है, कि जब भी उन्हें कोई चीज नजर आ जाती है या कोई भी विचार आ जाता है, तो उनकी इच्छा उसे जनता से बांटने की हो जाती है। 2016 में पीएम मोदी का यह पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम रहा। पीएम मोदी इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग मुद्दों पर बात करते हैं और आम लोगों के सुझावों को इसमें जोडते हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी ने किसानों के मुद्दे को राजनीतिक विषय बनाने के कुछ वर्गो के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि 2016 में पेश प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संकट में पड़े किसानों को तोहफा है। इसके साथ ही उन्होंने इसकी जानकारी हर किसान तक पहुंचाने के लिए आमलोगों से सहयोग मांगा।
पीएम के आज के मन की बात कार्यक्रम की प्रमुख बातें…
पूज्य बापू की पुण्यतिथि पर उनको शत् शत् नमन। पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को याद करते हुए कहा, मैं पूज्य बापू को श्रद्धांजलि देने के लिये शनिवार को राजघाट गया था। शहीदों को नमन करने का ये प्रतिवर्ष होने वाला कार्यक्रम है।
यह ठीक 11 बजे 2 मिनट के लिए मौन रखकर देश के लिए जान की बाजी लगा देने वाले, प्राण न्योछावर करने वाले महापुरुषों के लिए, वीर पुरुषों के लिए, तेजस्वी-तपस्वी लोगों के लिए श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर होता है, लेकिन अगर हम देखें, तो हममें से कई लोग हैं, जिन्होंने ये नहीं किया होगा।आपको नहीं लगता है कि ये स्वभाव बनना चाहिए, इसे हमें अपनी राष्ट्रीय जिम्मेवारी समझना चाहिए।
मैं जानता हूं कि मेरी एक ‘मन की बात’ से ये होने वाला नहीं है, लेकिन जो मैंने कल महसूस किया, तो मुझे लगा आपसे भी बातें करूं।यही बातें हैं जो हमें देश के लिए जीने की प्रेरणा देती हैं। आप कल्पना तो कीजिए, हर वर्ष 30 जनवरी को ठीक 11 बजे सवा-सौ करोड देशवासी 2 मिनट के लिये मौन रखें। आप कल्पना कर सकते हैं कि इस घटना में कितनी बडी ताकत होगी? देश के लिए कुर्बान होने वाले शहीदों को नमन, वे हमेशा हमारी यादों में बसे रहेंगे। हमारे वीर शहीदों की याद में आज के दिन 2 मिनट का मौन रखकर खड़े हों। सरदार पटेल ने कहा था कि भारत की आजादी खादी में है। खादी भारत की संस्कृति को दिखाती है।
मैंने 30 जनवरी को पूज्य बापू की पुण्यतिथि पर देश में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुडेे हुए जितने लोगों तक पहुंच सकता था, मैंने पत्र लिखकर पहुंचने का प्रयास किया। वैसे पूज्य बापू विज्ञान के पक्षकार थे, तो मैंने भी टेक्नोलॉजी का ही उपयोग किया और टेक्नोलॉजी के माध्यम से लाखों ऐसे भाइयों बहनों तक पहुंचने का प्रयास किया। खादी अब सिंबल बन गई है। खादी ने अलग पहचान बनाई है, अब यह राष्ट्रीय रुचि की चीज बन गई है। खादी में करोड़ों लोगों को रोजगार देने की क्षमता है।
पूज्य बापू हमेशा तकनीक के अपग्रेडेशन के प्रति बहुत ही सजग थे और आग्रही भी थे और तभी तो हमारा चरखा विकसित होते-होते यहां पहुंचा है। इन दिनों सोलर एनर्जी का उपयोग करके चरखा चलाने का चलन बढ़ा है। सोलर एनर्जी को चरखे के साथ जोडना बहुत ही सफल प्रयोग रहा है। उसके कारण मेहनत कम हुई है, उत्पादन बढा है। कई लोगों नें मुझे चिट्ठी लिखकर बताया है कि सोलर चर्खा से उनकी जिंदगी में बदलाव आया है।26 जनवरी पर हरियाणा और गुजरात, दो राज्यों ने एक बडा अनोखा प्रयोग किया। इस वर्ष उन्होंने हर गांव के गवर्नमेंट स्कूल में ध्वजवंदन करने के लिए, गांव की जो सबसे पढी-लिखी बेटी है, उसको पसंद किया। हरियाणा और गुजरात ने बेटी को सम्मान दिया। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’ – इसका एक उत्तम संदेश देने का उन्होंने प्रयास किया। मैं दोनों राज्यों की इस कल्पनाशक्ति को बधाई देता हूं। मैं हरियाणा को सामाजिक बदलाव के लिए बधाई देता हूं। हरियाणा में सेक्स रेशियो बहुत बुरी स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन वहां लोगों ने सामाजिक बदलाव की पहल की और मैं वहां के लोगों को इसके लिए बधाई देता हूं।
हमारे देश में किसानों के नाम पर बहुत कुछ कहा जाता है। मैं उन विवादों में पड़ना नहीं चाहता। हमें ज्यादा से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ना होगा।परेशान किसानों को राहत देने का एक ही रास्ता है और वह यह कि उन्हें फसल बीमा का लाभ दिया जाए। मैंने देखा है कि आजकल स्थानीय निवासी और कलाकार रेलवे स्टेशनों को अपनी कलाकारी से सुंदर बना रहे हैं। स्वच्छता का अब सौंदर्य से मिलन हो गया है। यह न तो रेलवे ने शुरू किया है और न ही ये मेरी पहल है। ये तो हमारे देश के लोगों ने अपने लिए किया है।
मेरे प्यारे देशवासियो, अपने लिए गर्व की बात है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में 4 से 8 तारीख तक भारत बहुत बडी मेजबानी कर रहा है। पूरा विश्व, हमारे यहां मेहमान बनकर आ रहा है और हमारी नौसेना इस मेजबानी के लिए पुरजोर तैयारी कर रही है।दुनिया के कई देशों के युद्धपोत, नौसेना के जहाज आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम के समुद्री तट पर इकट्ठे हो रहे हैं। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू भारत के समुद्र तट पर हो रहा है। यह विश्व की सैन्य-शक्ति और हमारी सैन्य-शक्ति के बीच तालमेल का एक प्रयास है।
टी.वी. पर, रेडियो पर मेरी मन की बात आप सुन लेते हैं, लेकिन बाद में सुनना हो तो क्या? अब आप अपने मोबाइल फोन पर भी मेरे मन की बात सुन सकते हैं और कभी भी सुन सकते हैं। मन की बात के लिए मोबाइल फोन का नंबर तय किया है- 8190881908.11756647_1429609780702534_1854719715_n

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