कैसे दर्ज कराएं एफ़आईआर

-सरफ़राज़ ख़ान

भारत में आम तौर पर कोई दुर्घटना होने पर लोग पुलिस में प्राथमिकी (एफ़आईआर) दर्ज कराते वक्त ड़रते हैं। ज्यादातर लोगों को मालूम ही नहीं होता कि प्राथमिकी कैसे दर्ज करवाई जाए। याद रखें किसी दुर्घटना के होने पर एफ़आईआर दर्ज कराना हर नागरिक का कर्तव्य है।

-आप किसी भी पुलिस स्टेशन पर एफ़आईआर दर्ज करवा सकते हैं। पुलिस अधिकारी की यह डयूटी होती है कि वह दुर्घटना के निकटतम पुलिस स्टेशन पर प्राथमिकी भेजें।

-एफ़आईआर हमेशा लिखित में दर्ज करें। आख़िर में आपके हस्ताक्षर भी होने चाहिए।

-एफ़आईआर दर्ज करवाने के लिए चश्मदीद गवाह का होना ज़रूरी नहीं। दुर्घटना के बारे में जानने पर कोई भी एफ़आईआर दर्ज करवा सकता है।

– ज़रूरी नहीं कि आप अपराध करने वाले का नाम लिखवाएं। अगर आपको उसका नाम मालूम नहीं है तो उसका हुलिया ज़रूर बताएं, जिससे पुलिस को अपराधी को पकड़ने में सुविधा रहे।

-एफ़आईआर मे दुर्घटना का स्थान, तिथि और समय का लिखा जाना ज़रूरी है।

-दुर्घटना की जानकारी पूर्ण, लेकिन छोटी और आवश्यक होनी चाहिए। एफ़आईआर से पुलिस कार्यवाही शुरू करती है, इसलिए अनावश्यक बातें लिखवाकर उसे लंबा न करें।

-अनावश्यक बातें लिखवाने से हो सकता है कि अगर अदालत में पेशी कई वर्षों बाद हो तो आप बेकार की बातें भूल भी सकती हैं।

-एफ़आईआर दर्ज करवाने में समय की कोई समस्या नहीं है, लेकिन अपराध के बाद आप जितने जल्दी प्राथमिकी दर्ज करवाएं आपके लिए अच्छा है।

-किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए एफ़आईआर लिखने से मना करना ग़ैरक़ानूनी है। ऐसी हालत में पुलिस अधीक्षक से शिकायत करनी चाहिए।

-आमतौर पर एफ़आईआर दर्ज करते समय पुलिस स्थानीय भाषा का इस्तेमाल करती है। अगर आप स्थानीय भाषा नहीं जानते हैं तो किसी अन्य व्यक्ति की मदद ले सकते हैं।

-एफ़आईआर पर तब तक हस्ताक्षर न करें जब तक कि आप उसमें लिखे तथ्यों को पढ़कर संतुष्ट न हो जाएं।

-एफ़आईआर की एक कॉपी अपने साथ रख सकती हैं। अगर आपके पास कॉपी न हो तो मुमकिन है कि आपकी शिकायत पर ध्या नही न दिया जाए और आप कुछ न कर सकें।

-दुर्घटना की जानकारी आप पुलिस को फ़ोन पर भी दे सकती हैं। ऐसे में पुलिस आपका नाम, आयु, पता एवं फ़ोन नं. की जानकारी अपने रिकॉर्ड के लिए ले लेती है। (स्टार न्यूज़ एजेंसी)

10 thoughts on “कैसे दर्ज कराएं एफ़आईआर

  1. पुलिस अधिकारी महोदय जी नमस्कार जी भोपाल मध्य प्रदेश विषय दोषियों पर कार्यवाही एवं नुकसान की भरपाई मां अनुभव आपसे विनम्र निवेदन है मैं महेंद्र पटेल दमोह मध्य प्रदेश का निवासी हूं हमारे आवेदनों पर गौर नहीं किया गया इसलिए मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए जितेन साहब यू से संपर्क किया पेपर में वह नेट पर देखकर उन्हें कार्यवाही हेतु विश्वास दिला कर मैसेज थोड़े-थोड़े करके तेरा हजार रुपए लिया आप एंड वक्त पर उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा फोन नहीं उठा रहे महोदय जी आपसे विनम्र निवेदन है आप जैसे इंसान दीपक कड़ी कार्रवाई करते हुए मेरे नुकसान की भरपाई कराने में सहयोग प्रदान करें आवेदक महेंद्र पटेल मोबाइल नंबर 9974 746 380

  2. My wife lodged a false FIR against me and all my family members.she took away all the jewellery,and filed divorce .by mutual consent decree has come.Now how can get back my family jewellery.

  3. दोस्तो, अगर हम से कोई चीटिंग करता है,तो हम पुलिस पे जाते है,अगर पुलिस से ही कोई चीटिंग करे तो पुलिस कहा जायेगी, घटना घटी पुलिस की एफ,आइ,आर की बेब-साइट पे,पुलिस ने या,हेकेर ने पुलिस की एफ,आइ,आर मे लगाई सेंध,एफ,आइ,आर के पिछले रिकौर्ड को छेड़ा गया,मैने पुलिस को सूचित किया,पुलिस ने शिकायत नही लि,फिर मैने एफ,आइ,आर मे बदलाव के ऑर्डर किस ने दिये?आर टी आइ से जवाब मांगा,,आज दो महीने से जयादा हो गये जवाब नही आया,मतलब सॉफ एफ,आइ,आर मे गड़बड़ी की गयी है कई, दोस्तों, ये है दिल्ली पुलिस।

  4. kisi ladake ki pahale shahi hochuki thi or usane dusari ladaki ko kuara hu terejakach hu khudaka nam pata sab zuta bataya, rahanewala borgaoka tha par ladakiko gondiya rahatahu bola…badame dongargadke mandir me usake sath shadibhi kiya…..usitharh usako sal ded sal andhereme rakhada or bhai ki shadi honeke bada apane sath rakhunga bola jab usake bhai ki shadi bhi hui par o leke jane ka nam nahil le rahatha tab ladaki ko kisi or se pata chalaki o gondiya nahi rahata borgav rahata hai to o usake gharpe chadake gai ki kyu zut bola zut bolake mere ijatke sath kyu khela aisi puchane lagi to gharme chupane laga o zut boalne lagaki maine aisa kuch kiya hi nahi….usi din ladakine police stetion jake complent ki to 15 din huye to bhi police ne report darj nahi kiye …..ab ladakine kya karana chahiye…….plz reply

  5. गाञियाबाद विजली विभाग कमला नेहरु नगर मे भष्टाचार, घरेलू विजली के विल का भुगतान बैक का चेक दुवारा लेते है .विभाग चेक डिस्ओनर कर देते है ,ग्राहक को जानकारी भी नही देते , अगले विल मे “पहला मासिकविल + मासिक विल +500 +300” जोङकर वसूलते है ,चेक वाउन्स की सूचना भी नही दी जाती ,चैक भी वापिस नही दिया जाता ,और पता करने पर गलत व्यवहार करते है ,जनता मे रोष है

  6. श्रीमान सरफराज जी बहुत अच्छी जानकारी दी है. धन्यवाद. प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है की वोह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाए.

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