साहित्‍य

राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र, साहित्य वसमाज सेवा के पर्याय विनायक दामोदर सावरकर

अशोक “प्रवृद्ध” अनुपम त्याग, अदम्य साहस, महान वीरता एवं उत्कट देशभक्ति के पर्यायवाची बन चुके