नारी ने नर को जन्म दिया

नारी ने नर को जन्म दिया
नर ने उसे है बाजार दिया
जिस नारी ने नर को पाला है
उस नर ने उस पर अत्याचार
किया।।

समय अब बदल रहा है
नारी अब बदल रही हैं
वह अपने अधिकारों को
काफी अब समझ रही हैं।।

पहले नारी अशिक्षित थी
अब नारी काफी शिक्षित है
अब इस शिक्षा के कारण ही
नारी नर पर अब भारी है।।

नारी अब अबला नहीं रही
वह अब सबला हो गई है
नर समझे था जिसको कमजोर
वह नर से शक्तिशाली हो गई हैं।।

नारी ने नारायण को जन्म दिया
वह देवी स्वरूप कहलाई है
तीनो लोक में उसकी पूजा होती
वह सबकी जननी कहलाई है।।

नारी न होती तो नर न होता
फिर नारी का क्यो अपमान होता ?
होता नहीं अगर सम्मान नारी का
ये संसार इतना बड़ा न होता।।

नर सुधारे अपना चाल चलन
न नारी हो कभी भी बदचलन
सुधारे दोनों ही अपना चलन
चलता रहेगा सदा अच्छा चलन।।

नारी ही मां बहन बेटी है
नारी ही जग की मूल है
नारी ही चंडी का रूप है
नारी ही कोमल फूल है।।

नारी ही जीवन की छाया है
नारी ही मोह भरी माया है
जो रहती हैं हमारे ही साथ
प्रेम शक्तिं की एक छाया है।।

आर के रस्तोगी

Leave a Reply

25 queries in 0.371
%d bloggers like this: