‘फेक न्यूज़’ की फैक्ट चेकिंग से बच सकती हैं कई जिंदगियां: केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़

नई दिल्लीः भारत के सबसे बड़े डिजिटल पब्लिशर टाइम्स इंटरनेट ने फेक न्यूज और गलत जानकारियों के बढ़ते खतरे पर चर्चा के लिए 28 सितंबर को एक समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि गलत जानकारियों को फैलने से रोककर कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है। राठौड़ ने ‘टाइम्स फैक्ट चेक’ डेस्क बनाने के लिए टाइम्स इंटरनेट की तारीफ की।

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने समारोह के दौरान अपने संबोधन में कहा कि फर्जी खबरों के जरिए पांचवीं पीढ़ी का युद्ध लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमारे जवान सीमा पर हमारी सुरक्षा कर रहे हैं, लेकिन फर्जी खबरों के युद्ध में कोई भी सीमा पार कर सकता है और लोगों तक पहुंच सकता है। यहां तक कि सुदूर इलाकों तक भी और राष्ट्र के लोगों के विवेक को प्रभावित कर सकता है।’

फर्जी खबरों की समस्या को बेहद नाजुक स्थिति बताते हुए राठौड़ ने कहा, ‘चूंकि सरकार दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को चला रही है, इसलिए यह सरकार हमेशा नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी को बनाए रखेगी और हमेशा इसे ध्यान में रखेगी। कुछ मामलों में हमें इंटरनेट बाधित करना पड़ता है लेकिन यह सिर्फ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए।’

राज्यवर्द्धन ने खास ‘फैक्ट चेक’ डेस्क बनाने के लिए टाइम्स इंटरनेट की तारीफ की और फैक्ट चेकिंग को एक बहुत बड़ा काम बताया। उन्होंने कहा, ‘यह कहीं से भी आसान नहीं। यह समाज के लिए जरूरी है और मैं टाइम्स इंटरनेट का शुक्रिया करूंगा जिन्होंने फेक न्यूज और गलत जानकारियों का पर्दाफाश करने के लिए टीम बनाई। फैक्ट चेकिंग कई जिंदगियां बचा सकती है।’

राठौड़ ने सभी मीडिया घरानों से इस तरह की पहल करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘फेक न्यूज राष्ट्रीय स्तर की समस्या है। कुछ लोग आपको सच से दूर रखना चाहते हैं।’ राठौड़ ने किसी जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर कुछ टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा, ‘जब आप कोई मेसेज फॉरवर्ड करते हैं तो आप ही उसके मालिक बनते हैं। जागरूकता कुंजी है। बच्चों को स्कूल में फेक न्यूज के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए, माता-पिता को भी बच्चों को सिखाना चाहिए। फॉरवर्ड या शेयर बटन को दबाने से पहले एक मिनट रुकें और चेक करें कि वेबसाइट की खबरें और जानकारियां सही है नहीं।’

%d bloggers like this: