ताज़ा समाचार (Latest News)
पर्यावरण संरक्षण के जुनून ने बनाया ‘ग्रीन कमांडो’
सूर्यकांत देवांगनकांकेर, छत्तीसगढ़ यूं तो पूरी दुनियां में ज्यादातर इंसानों का जन्मदिन मनाया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी किसी इंसान को पेड़ों का जन्मदिन...
आईआईएमसी में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली, 4 जून। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।...
G7 देशों की जलवायु वित्त प्रतिज्ञाओं के मामले में वादाखिलाफ़ी बादस्तूर जारी
आज जारी एक ताज़ा विश्लेष्ण से पता चला है कि अमीर देशों की मौजूदा क्लाइमेट फाइनेंस योजनाएं अभी भी न सिर्फ 100 बिलियन डॉलर के...
दोगुने से ज़्यादा हुआ ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया का स्कोप 3 एमिशन
आप जब यह रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, उस वक़्त दुनिया भर के कोयला उत्पादक सक्रिय रूप से 2.2 बिलियन टन प्रति वर्ष की दर से...
गोविन्दाचार्य के गांव की डायरी : मिशन तिरहुतीपुर डायरी-1
भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और प्रख्यात चिंतक-विचारक के.एन. गोविन्दाचार्य ने अब उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले के तिरहुतीपुर गांव को अपना स्थायी निवास बना...
कुमार विश्वास के कोविड केयर केन्द्र पर पहुँची स्थानीय विधायक
मशहूर कवि कुमार विश्वास का कोविड केयर सेंटर अब जनप्रतिनिधियों के लिये भी प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है। कुमार की इस का अनुकरण अब कई...
साहित्य
बदलाव का प्रतीक है कोरोना
नवेन्दु उन्मेष हम जमाने से सुनते आये है कि दुनियां हमेशा से बदलती रही है। अगर दुनियानहीं बदले तो आदमी आगे नहीं बढ़ता है। दुनियां...
सिद्धार्थ गौतम भगवान बुद्ध
---विनय कुमार विनायकब्राह्मणवाद और जातिप्रथा के बैरीअवतारवाद के दुश्मन,अहिंसा की मूर्तिबुद्ध तथागत कोतुमने ही दरेरा मारकरघर से निकाला!उनके अहिंसा दर्शन को चुराकरस्वनाम घोषित किया,प्रबुद्ध बुद्ध/बौद्ध...
कोरोना काल में झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीणों का जीवन
अमृतांज इंदीवर मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव भले ही धीरे धीरे कम हो रहा है, लेकिन इसका खौफ अब भी शहर से...
प्रकृति व पर्यावरण
जब पल पल पेड़ कटते जायेंगे ,तब सब जंगल मैदान बन जायेंगे |मानव तब बार बार पछतायेगा ,जब सारे वे मरुस्थल बन जायेगे || जब...
धरती की सुरक्षा का घेरा है ओजोन परत
डॉ. शंकर सुवन सिंह मानव प्रकृति का हिस्सा है। प्रकृति व मानव एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के बिना मानव की परिकल्पना नहीं की...
एजेंडा सेटिंग नहीं, लोकमंगल है मीडिया का धर्म
-प्रो.संजय द्विवेदी शानदार जनधर्मी अतीत और उसके पारंपरिक मूल्यों ने मीडिया को समाज में जो आदर दिलाया है, वह विलक्षण है। हिंदी पत्रकारिता की नींव...

बदलाव का प्रतीक है कोरोना
समय रहते पर्यावरण संरक्षण जरूरी!
सिद्धार्थ गौतम भगवान बुद्ध
जीवात्मा के भीतर व बाहर व्यापक परमात्मा को जानना हमारा मुख्य कर्तव्य
अजातशत्रु संपादक आचार्य शिवपूजन सहाय