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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल पर राजनैतिक दमन के विरुद्ध ज्ञापन

अकडेमिशियन्स फ़ॉर फ्रीडम, दिल्ली, के तत्वावधान में 300 से अधिक प्राध्यापकों सहित 15 से अधिक कुलपति, पूर्व कुलपति और प्रति कुलपतियों ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल पर राजनैतिक दमन के विरुद्ध भारत के माननीयउपराष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और इसमें हस्तक्षेप की मांग की है। ग़ौरतलब है कि भारत के माननीय उपराष्ट्रपति इस विश्वविद्यालय के विज़िटर (कुलाध्यक्ष) हैं और विश्वविद्यालय के अधिनियम के अंतर्गत उन्हें यह अधिकार प्राप्त है। ज्ञातव्य हो कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और अन्य 20 प्राध्यापकों पर बिना विधिसम्मत जाँच पड़ताल के गंभीर आरोपों पर FIR दर्ज करवाई है। आरोपी प्राध्यापकों को अपना पक्ष रखने का या कोई स्पष्टीकरण देने का भी अवसर नहीं दिया गया।  ज्ञापन में देने वाले लोगों में राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश सिन्हा, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीपचन्द अग्निहोत्री, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ के अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर, बी पी एस महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत की कुलपति प्रो. सुषमायादव, सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रो. के एन सिंह, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन के तनेजा, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा,विश्वभारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के कुलपति प्रो. बिद्युत चक्रबर्ती, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतीहारी के प्रति कुलपति प्रो. अनिल राय, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. मानसिंह परमार, भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रेमचंदपतंजलि इत्यादि के नाम उल्लेखनीय हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि: हम सभी शिक्षकगण, हतप्रभ और आहत हैं कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्विद्यालय, भोपाल की महापरिषद के अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को, पूर्व कुलपति एवं अन्य 20 वर्तमान शिक्षकों पर बिना जाँच के और कईअप्रमाणित आरोपों पर FIR करने का आदेश दिया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर FIR करने जैसा गंभीर कदम, एक सम्पूर्ण विधिसम्मत प्रक्रिया और स्पष्टीकरण के नोटिस भेजे जाने के पश्चात ही युक्तिसंगत माना जा सकता है। तब भी, उचित यही है, कि एक पूर्ण और पक्षपातरहित जाँच की जाए क्योंकि संबंधित व्यक्ति विश्वविद्यालयके शिक्षक हैं और अत्यन्त जिम्मेदार नागरिक हैं। हम आशंकित हैं कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष के इस कदम से राजनैतिक प्रतिशोध की गंध आती है। क्योंकि आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है, अतः यह कदम स्पष्टतः असमर्थनीय है और निश्चित रूप से एकलंबी कानूनी लड़ाई की ओर ले जा सकता है। सरकार को भले ही इससे कोई अंतर ना पड़ता हो परन्तु  यह शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत प्रताड़ित करने वाला होगा। श्इस संदर्भ को देखते हुएश् हमें संदेह है कि कोई भी जांच कमेटी जो विश्वविद्यालय द्वारा अपनेकदम को तर्कसंगत सिद्ध करने के लिए स्थापित की जाती है या की जाएगी, वह पर्याप्त रूप से पक्षपातरहित और वस्तुनिष्ठ होगी। इससे विश्वविद्यालय और सरकार की विश्वसनीयता और छवि और भी अधिक धूमिल हो जाएगी। अतः, हमारी मांग है कि शिक्षकों के विरुद्ध FIR तुरंत वापस ली जाए। यद्यपि किसी संस्था की जाँच करना सरकार का विशेषाधिकार है, उसी प्रकार यह भी सरकार का ही दायित्व है कि वह पक्षपातरहित रहे जिससे शिक्षकों के प्रति न्याय होना सुनिश्चित हो।  अतः, विश्वविद्यालय के माननीय विजिटर, भारत के उपराष्ट्रपति जी से प्रार्थना है कि वे यथाशीघ्र इस विषय में हस्तक्षेप करें और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवम संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष को परामर्श दें कि FIR वापस लें और शिक्षकों को प्रताड़ितकरना बंद करें।-- सौरभ कुमारसंपर्क - 08228815366

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हा- हा -ही- ही- हू- हू करते, साल बिताया भैया जी। पिज्जा वर्गर चाऊमीन सा, माल उड़ाया भैया जी। इस होली में नानी के घर,...

बिना कसूर के

मेरे घर पर लोग आये हैं, बहुत दूर से ,दूर से। चाचा आये चपड़ गंज से, मामा चिकमंगलूर से। चाचा चमचम लाये,मामा, लड्डू मोती चूर...

आज नारी कितनी आजाद है,यह नारी स्वयं ही बतायेगी |

आज नारी कितनी आजाद है,यह नारी स्वयं ही बतायेगी |नारी भी समाज का अंग है,यह सत्यता स्वयं ही बतायेगी || मिले है नारी को समान...

धरना है।।

धरना है भाई धरना है, धरने में भी धरना है धरना धरने की खातिर है, धरना, धरना धरना है। चाहे भवन विधान घेराव करें, या...

जलियाँ वाला बाग बोल रहा हूँ,

जलियाँ वाला बाग बोल रहा हूँ,जालिम ड़ायर की कहानी सुनाता हूँ | निह्त्थो पर गोली चलवाई जिसने मरने वालो की चीख सुनाता हूँ || चश्मदीद...

नया भारत बनायेंगे।।

देश के लिए जिन्होने सुख सुविधाएं छोड़, त्याग जो किया दुनिया को बतलायेंगे। बाबा के बतायें हुए रास्ते पे चलकर, आइये हम मिलके नया भारत...