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ताज़ा समाचार (Latest News)

दीपिका-रणवीर की शादी को लेकर करण जौहर ने दिया ये बयान

मुंबई : दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह को लेकर लगातार खबरें आ रही हैं कि दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे...

बिग बॉस के शो में जाकर बदले अनूप जलोटा के सुर

नई दिल्लीः बिग बॉस के घर में अब सभी कंटेस्टेंट धीरे-धीरे ओपन हो रहे हैं। शो के अंदर का माहौल भी अब मजेदार होने लगा...

बिहार आश्रय गृह मामला :पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा से होगी पूछताछ

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने मुजफ्फपुर आश्रय गृह यौन शोषण कांड से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को बिहार पुलिस से कहा कि...

चोट के कारण एशिया कप के टूर्नामेंट से बाहर हुआ ये युवा खिलाड़ी

नई दिल्ली : एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या खेेलते हुए चोटिल हो गए हैं। बता दें कि...

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के स्वास्थ्य का हाल जानने AIIMS पहुंचीं

नई दिल्लीः लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए गुरुवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान...

प्रियंका-निक परिवार संग मना रहे छुट्टियां

नई दिल्लीः प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपने मंगेतर निक जोनास और परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे हैं। इस खास वेकेशन की तस्वीरें निक और...



साहित्य

अब इंसान ही इंसान को डसने के काम आयेगा

बंद कर दिया है सांपों को सपेरे ने यह कह कर अब इंसान ही इंसान को डसने के काम आयेगा पल्ला झाड़ लेती है पुलिस...

एक गजल कशिश ए मोहब्बत पर

आर के रस्तोगी कशिश ए मोहब्बत में हर एक चोट खाई हमने हुए जो तुमसे दूर तो सब दूरियां मिटाई हमने करीब थे इतने कि...

अखिलता की विकल उड़ानों में !

रचयिता: गोपाल बघेल ‘मधु’ अखिलता की विकल उड़ानों में, तटस्थित होने की तरन्नुम में; उपस्थित सृष्टा सामने होता, दृष्टि आ जाता कभी ना आता !...

न रख इतना नाजुक दिल

डॉ. रूपेश जैन 'राहत' इश्क़ किया तो फिर न रख इतना नाज़ुक दिल माशूक़ से मिलना नहीं आसां ये राहे मुस्तक़िल तैयार मुसीबत को न कर सकूंगा दिल मुंतकिल क़ुर्बान इस ग़म को तिरि ख़्वाहिश मिरि मंज़िल   मुक़द्दर यूँ सही महबूब तिरि उल्फ़त में बिस्मिल तसव्वुर में तिरा छूना हक़ीक़त में हुआ दाख़िल कोई हद नहीं बेसब्र दिल जो कभी था मुतहम्मिल गले जो लगे अब हिजाब कैसा हो रहा मैं ग़ाफ़िल   तिरे आने से हैं अरमान जवाँ हसरतें हुई कामिल हो रहा बेहाल सँभालो मुझे मिरे हमदम फ़ाज़िल नाशाद न देखूं तुझे कभी तिरे होने से है महफ़िल कैसे जा सकोगे दूर रखता हूँ यादों को मुत्तसिल  

जिन्दगी की कुछ सच्चाईयां

आर के रस्तोगी   जो चाहा कभी पाया नहीं जो पाया कभी चाहा नहीं जो सोचा कभी मिला नहीं जो मिला कभी पाया नहीं जो...

हवेली को दुख है

विनोद सिल्ला मेरे पङौस की हवेली खाली पङी है अब तो शायद चूहों ने भी ठिकाना बदल लिया कभी यहाँ चहल-पहल रहती थी उत्सव सा...