ताज़ा समाचार (Latest News)

मोहन भागवत बोले- हम नहीं चलाते सरकार

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा संविधान का पालन करना सबका कर्तव्य है। ये संघ भी मानता है।...

हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन, जानिए क्या है इसकी खासियत

नई दिल्ली : हाइड्रोजन से चलने वाली विश्व की पहली ट्रेन जर्मनी में पटरियों पर दौड़ने लगी है। उत्तरी जर्मनी के पास इस ट्रेन का...

‘मनमर्जियां’ के कुछ सीन्स से आहत हुए सिख, फिल्ममेकर अनुराग ने मांगी माफी

नई दिल्लीः फिल्ममेकर अनुराग कश्यप की फिल्म मनमर्जियां हाल ही में रिलीज हुई है। फिल्म में अनुराग ने कई जगह बोल्ड सीन्स का इस्तेमाल किया...

कांग्रेस नहीं करेगी तेलंगाना में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा

नई दिल्लीः तेलंगाना में कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं करेगी। कांग्रेस यहां तेदेपा, भाकपा और तेलंगाना...

जियोर्जियो अरमानी के निमंत्रण पर जायेगा ये कपल

मुंबई: अभिनेत्री सोनम कपूर अहूजा और उनके व्यवसायी पति आनंद एस. अहूजा जल्द ही इटली के दिग्गज फैशन डिजाइनर जियोर्जियो अरमानी के निमंत्रण पर एक...

उत्तर प्रदेश : योगी सरकार ने सरकारी कार्यों में होने वाले खर्च में कटौती की कवायद शुरू की

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी कार्यों में होने वाले खर्च में कटौती की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए मुख्य...



साहित्य

एक गजल कशिश ए मोहब्बत पर

आर के रस्तोगी कशिश ए मोहब्बत में हर एक चोट खाई हमने हुए जो तुमसे दूर तो सब दूरियां मिटाई हमने करीब थे इतने कि...

अखिलता की विकल उड़ानों में !

रचयिता: गोपाल बघेल ‘मधु’ अखिलता की विकल उड़ानों में, तटस्थित होने की तरन्नुम में; उपस्थित सृष्टा सामने होता, दृष्टि आ जाता कभी ना आता !...

न रख इतना नाजुक दिल

डॉ. रूपेश जैन 'राहत' इश्क़ किया तो फिर न रख इतना नाज़ुक दिल माशूक़ से मिलना नहीं आसां ये राहे मुस्तक़िल तैयार मुसीबत को न कर सकूंगा दिल मुंतकिल क़ुर्बान इस ग़म को तिरि ख़्वाहिश मिरि मंज़िल   मुक़द्दर यूँ सही महबूब तिरि उल्फ़त में बिस्मिल तसव्वुर में तिरा छूना हक़ीक़त में हुआ दाख़िल कोई हद नहीं बेसब्र दिल जो कभी था मुतहम्मिल गले जो लगे अब हिजाब कैसा हो रहा मैं ग़ाफ़िल   तिरे आने से हैं अरमान जवाँ हसरतें हुई कामिल हो रहा बेहाल सँभालो मुझे मिरे हमदम फ़ाज़िल नाशाद न देखूं तुझे कभी तिरे होने से है महफ़िल कैसे जा सकोगे दूर रखता हूँ यादों को मुत्तसिल  

जिन्दगी की कुछ सच्चाईयां

आर के रस्तोगी   जो चाहा कभी पाया नहीं जो पाया कभी चाहा नहीं जो सोचा कभी मिला नहीं जो मिला कभी पाया नहीं जो...

हवेली को दुख है

विनोद सिल्ला मेरे पङौस की हवेली खाली पङी है अब तो शायद चूहों ने भी ठिकाना बदल लिया कभी यहाँ चहल-पहल रहती थी उत्सव सा...

मोदी जी को जन्म दिवस की बधाई

ते है बधाई हम सब भारतवासी मोदी जी जन्म दिवस की तुमको उन्नीस में जीत मिलेगी तुमको तब ख़ुशी मिलेगी हम सब को  करते दुआ...