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ताज़ा समाचार (Latest News)

आईआईएमसी और उज़्बेकिस्तान के पत्रकारिता विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर । भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) ने यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशंस ऑफ उज़्बेकिस्तान के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू)...

आईआईएमसी के कर्मचारियों ने ली कोरोना के विरुद्ध सतर्क रहने की शपथ

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना के खिलाफ सतर्क रहने के लिए शुरू किए गए जन आंदोलन के तहत सोमवार को...

बीज की ताकत है समर्पण : सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

प्रख्यात पत्रकार एवं चिंतक मामाजी माणिकचंद्र वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष का समापन समारोह दिल्ली में आयोजित, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और...

कहानियों का द्वीप है बस्तर : प्रो. द्विवेदी

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर । ''बस्तर हमेशा कहानियों का द्वीप रहा है। यहां के लोक जीवन के किस्से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।'' यह विचार भारतीय जन संचार...

आईआईएमसी में पौधारोपण कर मनाई गई गांधी एवं शास्त्री जयंती

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर । भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी...

विश्व के सबसे सफल संचारक थे गांधी : प्रो. शुक्ल

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर । ''संचार के उद्देश्यों की बात की जाए, तो गांधी विश्व के सबसे सफल संचारक थे। अपने इसी गुण के कारण...

साहित्य

बैठा नाक गुरूर !!

नई सदी ने खो दिए, जीवन के विन्यास !सांस-सांस में त्रास है, घायल है विश्वास !!रिश्तों की उपमा गई, गया मनों अनुप्रास !ईर्षित सौरभ हो...

तुर्क सुबुक्तगीन और महमूद गजनवी का आक्रमण

---विनय कुमार विनायकतुर्क अब्बासी वंश के महल रक्षक और सैनिक थेजब केंद्रीय शासन की नींव हिली,प्रांतीय शासन कुछ फली फुलीतभी तुर्कों को 'गाजी'/विजेता बनने की...

अब सच कहने का दौर नही है

---विनय कुमार विनायकअब सच कहने का दौर नही हैअच्छाई को अब ठौर नही हैअब गालियां, लानत-मलामतउनके सिर पे ठीकरा फोड़ना हैजो यहां के वासिंदे नही...

उदासीनता से उमड़ी नई कोरोना एवं प्रदूषण लहर

- ललित गर्ग-कोरोनारूपी महामारी एवं महाप्रकोप से जुड़ी हर मुश्किल घड़ी का सामना हमने भले ही मुस्कुराते हुए किया, लेकिन जाता हुआ कोरोना अधिक रूला...

बाप धूप में,माँ चूल्हे में रोज जलती है,

बाप धूप में,माँ चूल्हे में रोज जलती है,तब कहीं औलाद मुश्किल से पलती है | बड़े होकर कहे,क्या किया है तुमने हमारा ,यही बात माँ...

आधुनिक भारत निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका

(सरदार पटेल के जन्मदिवस 31 अक्तूबर पर विशेष)                      प्रभुनाथ शुक्ल  सरदार वल्लभ भाई पटेल का...