बाबरी विध्वंस की बरसी आज, कड़े सुरक्षा घेरे में जकड़ी अयोध्या

नई दिल्लीः अयोध्या में विवादित ढांचे के ध्वंस (Babri Masjid Demolition) की आज 26वीं बरसी है। पूर्व संध्या पर रामनगरी अयोध्या कड़े सुरक्षा घेरे में रही। येलो जोन क्षेत्र में सुरक्षा बैरियर लगाकर हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है और संदिग्ध लगने पर उन्हें रोककर उनकी तलाशी भी ली जा रही है। पूरी धार्मिक नगरी कड़ी सुरक्षा घेरे में जकड़ी रहेगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में चल रहे बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि मुकदमे में बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी को एक बार फिर से पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बार पत्र भेजने वाले ने पत्र में ना सिर्फ इकबाल अंसारी को मुकदमा वापस लेने की धमकी दी है बल्कि बाबरी मस्जिद मुकदमे की वकालत कर रहे अधिवक्ता जफरयाब जिलानी के नाम का जिक्र भी इस पत्र में किया गया है।

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित परिसर में मौजूद ढांचे को गिरा दिया था, जिसके बाद हर वर्ष दोनों समुदाय के लोग अपने-अपने तरीके से इस दिन को मनाते आ रहे हैं। अयोध्या में शांति व्यवस्था को लेकर कोई बाधा उत्पन्न न हो, इसे दृष्टिगत रखते हुए हर वर्ष सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। उसी कड़ी में इस वर्ष भी अयोध्या में सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी परंपरागत रुप से कारसेवक पुरम परिसर में विवादित ढांचे की बरसी को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि यह दिन हमारे लिए विजय उत्सव के रूप में है और हर वर्ष 6 दिसंबर को हम शौर्य दिवस मनाते रहे हैं।

इस वर्ष भी परंपरागत आयोजन के तहत कारसेवक पुरम प्रांगण में शौर्य दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास महाराज करेंगे। इसके अलावा अयोध्या के शीर्ष संत और विहिप व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शरीक होंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से एक बार फिर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराया जाएगा। आयोजनों की कड़ी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुस्लिम समुदाय विवादित ढांचे के ढांचे के ध्वंस की बरसी पर यौमे गम और काला दिवस के रूप में मनाएंगे। बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी के आवास पर मुस्लिम समुदाय के लोग जुटेंगे।

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