हाईवोल्टेज ड्रामा…डूबा चांद, भटकी फिज़ा

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सच, मोहब्बत अंधी ही होती है, नहीं तो चंद्रमोहन क्यों चांद मोहम्मद बनते? क्यों फिज़ा के लिए धर्म तक छोड़ देते…और जो आज के दौर की मोहब्बत सच्ची होती, तो फिर भला क्योंकर फिज़ा को खुदकुशी की कोशिश करनी पड़ती…ड्रामा है-भई ड्रामा है…

चण्डीदत्त शुक्ल

हरियाणा के डिप्टी सीएम थे चंद्रमोहन। जो एक बार ठान ली, तो उसे पूरा कर के ही माना। पंचों की राय सिर माथे पर, मगर खूंटा वहीं गड़ेगा…कहावत पर अमल कर बैठे। उप मुख्यमंत्री यकायक गायब हो जाए, तो पूरे प्रदेश में खलबली मचेगी ही, लेकिन चंद्रमोहन गुम हो गए। घर-परिवार वाले घबराए, राजनीति की दुनिया में खलबली मची, तभी वो लौट आए, लेकिन सबकुछ बदलकर।

स्टोरी लाइन है इंटरेस्टिंग। दरअसल, चंद्रमोहन का दिल प्रदेश की चर्चित वकील अनुराधा बाली पर आ गया, इसके बाद उन्होंने किसी की नहीं सुनी। पहली शादी तक भुला दी और अनुराधा के हो बैठे। आलम था कि पहले गायब हुए, फिर दूसरी शादी के लिए दोनों ने मज़हब बदल लिया। चंद्रमोहन बने चांद मोहम्मद और अनुराधा का नाम पड़ा—फिज़ा। मीडिया के सामने बताया—हम हैं एक-दूजे के लिए। पिता भजनलाल ने उन्हें अपना बेटा मानने से ही इनकार कर दिया और चंद्रमोहन की डिप्टी सीएम वाली कुर्सी जाती रही। लेकिन कहते हैं ना, सच्चा प्रेम आजकल कल्पना बन गया है, ऐसे में चांद-फिज़ा की जोड़ी भी टांय-टांय फिस्स करके टूट गई।

चंद्रमोहन उर्फ चांद एक बार फिर गायब हो गए। तनाव गहराया, तो फिज़ा ने नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की। उसने आरोप लगाया कि चांद उर्फ चंद्रमोहन के भाई कुलदीप बिश्नोई ने उनके पति को किडनैप करा लिया है।

ड्रामे का नया पार्ट : विदेश से चांद का फोन आया—मैं ठीक हूं, इलाज कराने आया हूं और फिर दोनों में तनातनी शुरू हो गई। फिज़ा ने कहा—चांद ने मुझसे रेप किया है, तो बदले में चांद ने एसएमएस भेजा—तलाक-तलाक-तलाक।…पर लवस्टोरी खत्म होने में वक्त बाकी था। एक दिन विदेश से चांद लौट आए। चांद ने कहा, मैंने तो दो बार ही तलाक लिखा था और बदले में फिज़ा बोली—मैं इसे माफ़ नहीं करूंगी। कुछ दिन बाद फिज़ा एक रिएलिटी शो में हिस्सा लेने गईं और चांद मोहम्मद ने लोगों से कह दिया कि वो दोबारा हिंदू धर्म में लौटना चाहते हैं। अब फिज़ा ने इसे खुद के साथ किया गया धोखा बताया और कहा, मैं नया केस दर्ज करूंगी।

फिज़ा और चांद के पारस्परिक आरोप तो पढ़िए ज़रा—

1. चांद ने मुझसे रेप किया।

2. फिज़ा ने चांद को कैद कर रखा है।

3. चांद के भाई ने उन्हें किडनैप किया है…।

ऐसी लव स्टोरी किसी पारसी थिएटर से कम नहीं, बल्कि इसमें तो नौटंकी से लेकर बॉलीवुड मूवी के सभी मसाले भी शामिल थे। सियासी नेता की ये प्रेमकहानी भले ही सेक्स-प्रेरित नहीं रही होगी पर क्या ये प्यार था, इस बारे में शंका होती है। अगर उनमें प्रेम ही था, तो फिज़ा का यह बयान क्या बताता है—चांद ने मुझे धोखा दिया है। मुझे तो यह भी नहीं पता कि मैं हूं क्या और मेरा स्टेटस क्या है। उसने मेरे जिस्म और आत्मा के साथ खिलवाड़ किया है। ख़ैर, ये स्टोरी तो खत्म हुई और साथ ही प्रेम पर विश्वास को और खुरदुरा कर गई। अगर यही है प्रेम, तो इससे भगवान बचाए।

क्रमश:

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चंडीदत्त शुक्‍ल
यूपी के गोंडा ज़िले में जन्म। दिल्ली में निवास। लखनऊ और जालंधर में पंच परमेश्वर और अमर उजाला जैसे अखबारों व मैगजीन में नौकरी-चाकरी, दूरदर्शन-रेडियो और मंच पर तरह-तरह का काम करने के बाद दैनिक जागरण, नोएडा में चीफ सब एडिटर रहे। फोकस टीवी के हिंदी आउटपुट पर प्रोड्यूसर / एडिटर स्क्रिप्ट की ज़िम्मेदारी संभाली। दूरदर्शन-नेशनल के साप्ताहिक कार्यक्रम कला परिक्रमा के लिए लंबे अरसे तक लिखा। संप्रति : वरिष्ठ समाचार संपादक, स्वाभिमान टाइम्स, नई दिल्ली।

2 COMMENTS

  1. इस हाईवोल्टेज ड्रामे में प्रेम को क्यों ढूंढते हो? वासना में ड़ूबे और व्यक्तिगत स्वार्थ में भटके दो मूर्खों में कैसा प्रेम?

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