लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारत का संविधान अध्याय – 6 क March 3, 2026 / March 3, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment मनुस्मृति में मनु महाराज ने हमारे देश की सीमाओं का उल्लेख करते हुए प्राचीन नाम ब्रह्मावर्त और आर्यावर्त का उल्लेख किया है। इन दोनों नामों को आज के भारत वर्ष Read more » मनुस्मृति और भारत का संविधान
राजनीति विधि-कानून न्यायपालिका के साथ विधायिका और कार्यपालिका की भी तय हो जवाबदेही February 27, 2026 / February 27, 2026 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गवराष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्य पुस्तकों में धर्म, इतिहास और प्राचीन भारतीय विज्ञान व ज्ञान परंपरा से संबंधित यदि कोई पाठ जोड़ा जाता है, तो वह अक्सर विवाद का कारण बनता है। यहाँ तक कि लोकसभा में हंगामा होता है और बदली गई पाठों वाली पुस्तकें जलाई जाती हैं। लेकिन […] Read more » Along with the judiciary the accountability of the legislature and the executive should also be fixed. न्यायपालिका के साथ विधायिका और कार्यपालिका
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारतीय संविधान February 27, 2026 / February 27, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय 5 ( ख) भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर बार्कर क्या कहते हैं ? भारतीय संविधान की इस प्रस्तावना पर बार्कर को उद्धृत करते हुए यह दिखाने का प्रयास किया जाता है कि हमने इन शब्दों का प्रयोग बहुत ही निष्ठा के साथ किया है और यदि हम अपने भारतीय गणराज्य के नवजीवन का शुभारंभ […] Read more » Manusmriti and the Constitution of India मनुस्मृति और भारतीय संविधान
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारत का संविधान February 27, 2026 / February 27, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय – 5 क भारत के संविधान की प्रस्तावना और मनुस्मृति भारत गणराज्य के संविधान की प्रस्तावना को भारतीय संविधान की ‘ कुंजी’ कहा जाता है। किसी भी संविधान की प्रस्तावना उसकी पथप्रदर्शिका होती है। उसकी दिग्दर्शिका होती है। यह उसी प्रकार है जिस प्रकार किसी पुस्तक की प्रस्तावना पुस्तक के प्रतिपाद्य विषय को पाठक […] Read more » Manusmriti and the Constitution of India मनुस्मृति और भारत का संविधान
राजनीति विधि-कानून सुप्रीम कोर्ट का अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश February 26, 2026 / February 26, 2026 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी हल्द्वानी में अतिक्रमण का मामला बहुत जटिल है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर जैसा स्पष्ट रुख अपनाया है, उससे पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश गया है। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण देश की बहुत बड़ी समस्या है लेकिन अदालतों के कारण इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। […] Read more » Supreme Court issues stern message to encroachers अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश
मनोरंजन मीडिया विधि-कानून समाज साइबर ठगी का बढ़ता जाल: सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच February 25, 2026 / February 25, 2026 by सुरेश गोयल धूप वाला | Leave a Comment आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन और इंटरनेट ने जीवन को जितना सरल बनाया है, उतना ही असुरक्षित भी। देश भर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन समाचारों में किसी न किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी, बैंक फ्रॉड, फर्जी कॉल, लिंक के माध्यम से ठगी या डिजिटल अरेस्ट […] Read more » Caution is the biggest safeguard in cyber fraud The growing web of cyber fraud साइबर ठगी का बढ़ता जाल
राजनीति विधि-कानून राजनीतिक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रवैया February 23, 2026 / February 23, 2026 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी इस देश का विपक्ष जनता की अदालत में मोदी सरकार से नहीं लड़ पा रहा है, इसलिए वो कानून की अदालत में उसे घसीटना चाहता है। अभी तक कई मौकों पर विपक्ष अपनी चाल में कामयाब रहा है लेकिन लगता है कि नए सीजेआई इस चाल को समझ चुके हैं। उन्होंने पिछले […] Read more » Supreme Court takes a tough stand on political petitions राजनीतिक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
लेख विधि-कानून भारत के निवासियों का संबोधन ‘आर्य ‘ हो February 23, 2026 / March 3, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भारतीय संविधान की उद्देशिका संविधान की उद्देशिका में स्पष्ट किया गया है कि भारत का संविधान किन आदर्शों को लेकर निर्मित किया गया है ? देश के संविधान की उद्देशिका में ‘ हम भारत के लोग’ का अर्थ क्या है ? उद्देशिका में प्रस्तुत किए गए शब्द प्रभुत्वसंपन्न, लोकतंत्रात्मक गणराज्य , समाजवादी लोकतंत्र और समाजवाद, […] Read more » भारत के निवासियों का संबोधन 'आर्य ' हो
राजनीति विधि-कानून भारतीय संविधान की विषय वस्तु February 23, 2026 / February 23, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भारत का संविधान भारत को एक संघ के रूप में देखता है। इसको लेकर कई विद्वानों ने भारतीय संविधान की आलोचना भी की है। आलोचना का आधार यह है कि भारत किन्हीं विभिन्न राज्यों की लिखित सहमति के आधार पर बना हुआ देश नहीं है, यह एक सनातन राष्ट्र है। जिसे संघीय देश नहीं कहा […] Read more » Subject Matter of the Indian Constitution भारतीय संविधान की विषय वस्तु
विधि-कानून समाज कचरे पर कड़ा रुख: न्यायपालिका के निर्देश और ज़मीनी सच्चाई February 23, 2026 / February 23, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment -सुनील कुमार महला ठोस कचरे का प्रबंधन आज के समय की एक बहुत बड़ी आवश्यकता बन चुका है। कहना ग़लत नहीं होगा कि आज लगातार बढ़ती जनसंख्या, बढ़ते शहरीकरण, औधोगिकीकरण और उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण धरती पर ठोस कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जिससे हमारे पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, मानव व जीवों […] Read more » कचरे पर कड़ा रुख: न्यायपालिका के निर्देश और ज़मीनी सच्चाई
राजनीति विधि-कानून मुफ्त रेवड़ी संस्कृति जीवंत लोकतंत्र के लिये घातक February 23, 2026 / February 23, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग-भारतीय लोकतंत्र की विडंबना यह है कि चुनाव आते ही जनसेवा का स्वरूप बदलकर जनलुभावन राजनीति में परिवर्तित हो जाता है। राजनीतिक दलों ने मुफ्त की योजनाओं को चुनावी सफलता का शॉर्टकट बना लिया है। मतदाताओं को तात्कालिक आर्थिक लाभ देकर वोट हासिल करने की प्रवृत्ति लगातार मजबूत हो रही है। आगामी तीन-चार […] Read more » The culture of freebies is dangerous for a vibrant democracy. मुफ्त रेवड़ी संस्कृति
राजनीति विज्ञान विधि-कानून भारत का एआई नेतृत्व तकनीक एवं मानवीय मूल्यों का संगम बने February 22, 2026 / February 22, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग-दिल्ली इन दिनों केवल भारत की राजनीतिक राजधानी भर नहीं, बल्कि उभरती तकनीकी चेतना का वैश्विक केंद्र बनी हुई है। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब प्रयोगशालाओं या कॉरपोरेट दफ्तरों तक सीमित तकनीक नहीं रही, बल्कि वह विकास की नई परिभाषा गढ़ने की दिशा […] Read more » भारत का एआई नेतृत्व