धर्म-अध्यात्म ऋतु परिवर्तन का लोकउत्सव: लोहड़ी और नई ऋतु की दस्तक January 12, 2026 / January 12, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment लोहड़ी का उत्सव प्रकृति के उस चक्र का उत्सव है, जिसमें हर ठहराव के बाद गति और हर कठिनाई के बाद संभावना जन्म लेती है। यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि जीवन केवल संघर्ष नहीं है, Read more »
खान-पान धर्म-अध्यात्म नच्च वे जट्टा लोहड़ी आई वे … January 12, 2026 / January 12, 2026 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में खिचड़वार और दक्षिण भारत के पोंगल पर भी--बेटियों को भेंट जाती है। कभी लोहड़ी से कई दिन पहले ही लोहड़ी के लोकगीत गाकर लकड़ी और उपले इकट्ठे किए जाते थे । इससे चौराहे या मुहल्ले Read more » लोहड़ी
धर्म-अध्यात्म जीवन में यदि उन्नति करनी है तो मनन शक्ति को उत्पन्न करना होगा और वैदिक साहित्य का स्वाध्याय भी करना होगा: आचार्य राहुल आर्य January 5, 2026 / January 5, 2026 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment आचार्य राहुल आर्य जी ने कहा कि कि वेदों को श्रुति इस लिये कहा जाता है कि सृष्टि के आदि काल में वेदों की रक्षा, अध्ययन, अध्यापन व प्रचार सुन सुनाकर किया जाता रहा। श्री आर्य ने कहा कि मन्त्र उसे कहा जाता है जिसका मनन किया जाता है। उन्होंने कहा कि मन्त्र के दो प्रकार के अर्थ होते हैं प्रथम प्रकट अर्थ तथा द्वितीय गुप्त अर्थ। Read more »
धर्म-अध्यात्म धर्म का स्वरूप: सेवा या स्वार्थ? January 2, 2026 / January 2, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment आज का यथार्थ यह है कि धार्मिक परंपराओं का एक बड़ा हिस्सा अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है। जिन कर्मकांडों का उद्देश्य मनुष्य को आत्मिक संतुलन देना था, वे अब आर्थिक लेन-देन और दिखावे से जुड़ गए हैं। तीर्थस्थल, जो कभी तप, त्याग और साधना के केंद्र हुआ करते थे, आज कई बार बाजार का रूप धारण कर चुके हैं। श्रद्धालु की भावना से अधिक उसकी आर्थिक स्थिति को महत्व दिया जाने लगा है। Read more » धर्म का स्वरूप
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म कालचक्र के नये पड़ाव के स्वागत की बेला December 27, 2025 / December 27, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment यह परम्परा प्रागैतिहासिक काल से चली आ रही है। दुनिया भर के तमाम समाजों, जातियों और समुदायों, सम्प्रदायों में अलग-अलग ढंग से, अलग-अलग तिथियों, महीनों में नववर्ष मनाने की परम्परा है। Read more » Time to welcome a new phase of the cycle of time नववर्ष
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विश्व में शांति स्थापित करने हेतु भारतीय संस्कृति का उत्थान आवश्यक है December 22, 2025 / December 22, 2025 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कहा जाता है कि सतयुग में समाज पूर्णत: एकरस था और उस समय के समाज में भारतीय संस्कृति की झलक स्पष्टत: दिखाई देती थी। एक कहानी के माध्यम से इस बात को बहुत आसानी से समझा जा सकता है। सतयुग के खंडकाल में एक किसान ने अपनी जमीन बेची। जिस व्यक्ति ने वह जमीन खरीदी थी Read more » भारतीय संस्कृति का उत्थान
धर्म-अध्यात्म “अयोध्या”लहराया रामलला पर केशरिया ध्वज December 19, 2025 / December 19, 2025 by पवन शुक्ला | Leave a Comment राम नाम की शक्ति ने इस पूरे आंदोलन को ऊर्जा दी। हर रामभक्त ने इस संकल्प को अपने जीवन का हिस्सा बनाया कि "रामलला हम आएँगे, मंदिर वहीं बनाएँगे।" इस यात्रा में त्याग और तपस्या की भावना सर्वोपरि रही। Read more »
धर्म-अध्यात्म भारतीय वैदिक संस्कृति में सोलह संस्कार: जीवन को वैज्ञानिक और नैतिक दिशा देने वाली परंपरा December 17, 2025 / December 17, 2025 by सुरेश गोयल धूप वाला | Leave a Comment जातकर्म, नामकरण और निष्क्रमण संस्कार शिशु के जन्मोपरांत उसके स्वास्थ्य, सामाजिक पहचान और बाह्य संसार से परिचय से जुड़े हैं। नामकरण केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम सीढ़ी है। मनोविज्ञान भी मानता है कि नाम व्यक्ति के आत्मबोध और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करता है। Read more » जीवन को वैज्ञानिक और नैतिक दिशा देने वाली परंपरा भारतीय वैदिक संस्कृति में सोलह संस्कार
धर्म-अध्यात्म श्रीमद्भगवद्गीता है ज्ञान, भक्ति और कर्म का समन्वित विज्ञान December 1, 2025 / December 1, 2025 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment वर्तमान समय में केंद्र सरकार ने गीता को वैश्विक सांस्कृतिक संवाद के रूप में प्रस्तुत किया है। कुरुक्षेत्र में आरंभ हुआ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इसका उदाहरण है। इस वर्ष चालीस देशों में गीता जयंती का आयोजन होना यह संकेत देता है कि गीता का सनातन संदेश भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे मानवता को जोड़ने वाला सार्वभौमिक ज्ञान है। Read more » श्रीमद्भगवद्गीता
धर्म-अध्यात्म शख्सियत देवरहा बाबा के जीवन के रोचक किस्से December 1, 2025 / December 1, 2025 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment भारत सदा से ही ऋषि-मुनियों का देश रहा है। यहां की संत परंपरा धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृति का मिश्रण है जो सदियों से विकसित हुई है। संतों की भक्ति की शक्ति का एहसास लोगों को प्राचीन काल से ही है। Read more »
धर्म-अध्यात्म सरयू नदी का द्वीप : फैला सकती है विरासत की ज्योति November 19, 2025 / November 19, 2025 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment सरयू नदी की दुर्दशा से आस्थावान व्यथित हो जाता हैं। सदियों से अयोध्या की पहचान रही सरयू अपनी धारा कई बार बदल चुकी है। घाटों को छोड़कर नदी कई किमी. तक हट कर संकीर्ण धारा के रूप में प्रवाहित हो जाती है। Read more »
धर्म-अध्यात्म Mokshada Ekadashi 2025: मोक्षदा एकादशी व्रत के नियम। November 19, 2025 / November 19, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi 2025) भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का Read more » Mokshada Ekadashi 2025 1 dec मोक्षदा एकादशी व्रत