( Source – PTI )
Share this:
- Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Share on X (Opens in new window) X
- Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
- Share on Reddit (Opens in new window) Reddit
- Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
- Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
- Email a link to a friend (Opens in new window) Email
- Print (Opens in new window) Print
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मूल्यांकन पद्धति शुरु की जा रही है जिसमें विभिन्न मापदंडों के आधार पर निकायों को नंबर दिए जाएंगे।
आधिकारिक सूत्रों ने कल यहां बताया कि नगरीय निकायों को काम के आधार पर नंबर दिए जाएंगे साथ ही काम अच्छा नहीं होने पर माइनस मा*++++++++++++++++++++++++++++र्*ंग भी होगी। रेटिंग के लिए कुल योग सौ अंकों का होगा।
अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न मापदंडों में नगरीय निकायों की आत्मनिर्भरता की स्थिति में 30 अंक तथा देयकों के भुगतान के लिए स्वयं के राजस्व की उपलब्धता है कि नहीं के लिए सात अंकों से आकलन किया जाएगा। वहीं ओडीएफ की स्थिति पर दो अंकों से, कैसलेस सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए दो अंक और बायोमेट्रिक मशीन से दैनिक उपस्थिति ली जा रही है कि नहीं पर पांच अंकों से आकलन किया जाएगा। वहीं अन्य खचरें में कटौती कितनी की जा रही है पर दो अंक और वैधानिक पंजियों की अद्यतन स्थिति पर पांच अंक तथा अन्य पंजियों की अद्यतन स्थिति पर पांच अंकों से आकलन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भण्डार के भौतिक सत्यापन की स्थिति में चार अंक, वैधानिक दायित्वों की स्थिति में छह अंक और वैधानिक अनुपालन की स्थिति में छह अंक दिए जाएंगे। इसके साथ ही वर्क फाइल में दस्तावेजों का रखरखाव पर तीन अंक, इंटरनल ऑडिट की आप*ि++++++*ायों के प्रति जागरकता में पांच अंक, इंटरनल ऑडिट आप*ि++++++*ायों का अनुपालन में तीन अंक और बैंक समशोधन विवरण की स्थिति पर तीन अंक दिए जाएंगे। ठेकेदारों को समय पर भुगतान एवं ठेकेदार द्वारा समय पर काम न किए जाने पर उस क्या कार्रवाई की गई पर पांच अंकों से आकलन होगा।
अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित दर पर खरीद की गई या नहीं पर चार अंक और विकास कार्यों की स्थिति पर तीन अंकों से आकलन किया जाएगा। बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस की स्थिति ठीक न होने पर माइनस मा*++++++++++++++++++++++++++++र्*ंग भी होगी। उन्होंने कहा कि निकायों को रेटिंग प्रदान करने से जहां आकलन में आसानी होगी वहीं अच्छे काम के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी होगी। इसके साथ ही जून तक निकायों के प्रत्येक काउंटर को कैसलेस भी कर दिया जाएगा।