जगदीश वर्मा ‘समन्दर’
वृन्दावन । अक्षयपात्र फाउन्डेशन द्वारा सरकारी विद्यालय के बच्चों को मिड-डे मील में 300 करोड़वी भोजन थाली परोसने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को वृन्दावन पहुँचें । फाउन्डेशन के छटीकरा मार्ग स्थित चन्द्रोदय मंदिर परिसर में आयोजित वृहद समारोह में प्रधानमंत्री ने उ0प्र0 मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी, राज्यपाल रामनाईक, मथुरा सांसद हेमामालिनी एवं अन्य मंत्रीगणों के साथ बच्चों को भोजन परोसा । इससे पूर्व दिये अपने उद्बोधन में नरेन्द्र मोदी ने संस्था के कार्यों की प्रशंषा करते हुये इसे देश की सेवा करार दिया वहीं बच्चों एवं महिला कल्याण के लिये अपनी सरकार की विभिन्न योजनाओं को साझा किया । स्थानीय स्तर पर उम्मीद की जा रही थी कि नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनावों को लेकर मथुरा संसदीय सीट से कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं । लेकिन इसके विपरीत प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन को सीधे तौर पर चुनावी नहीं होने दिया । न वह यमुना पर बोले न ही उन्होने आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर मथुरा-वृन्दावन में कोई बड़ी घोषणा की । 22 मिनट के भाषण में उन्होनें बालपोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, टीकाकरण, रसोईगैस और किसानों के लिये केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की सफलता का उल्लेख किया । ब्रज को गऊपालन की परम्परा का संवाहक बताते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में निराश्रित गौवंश की सेवा के लिये पदम्श्री से सम्मानित जर्मन मूल की सुदेवी दासी (गोवर्धन) एवं ‘राष्ट्रीय कामधेनु योजना’ का जिक्र किया ।  नियत समय से कुछ विलम्ब से पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी ने विशाल पाण्डाल में मौजूद हजारों स्कूली बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, आमंत्रित सामाजिक व्यक्तित्वों एवं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिवादन कर बात शुरू की । भगवदगीता का श्लोक उच्चारण करते हुये उन्होने कहा कि जो दान कर्त्वय समझकर बिना किसी उपकार की भावना के उचित स्थान, उचित समय पर योग्य व्यक्ति को दिया जाता है उसे सात्विक दान कहते हैं । अक्षयपात्र संस्थान बीते 18 वर्षों से देश के बचपन को पोषक आहार देकर सात्विक दान कर रहा है । 
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ भारत के लिये बच्चों का पोषित होना जरूरी है । सरकार ने पिछले 55 महीनों में देश के बचपन को टीकाकरण, खानपान और स्वच्छता का सुरक्षा कवच मजबूत करने पर उल्लेखनीय कार्य किया है । स्वस्थ बचपन से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सकता है । इसके लिये पिछले वर्ष ‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ की शुरूआत की गयी है । उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही इस पर कार्य चल रहा था लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली । कम संसाधन वाले देश भी हमसे आगे निकल गये । लेकिन 2014 के बाद से इस दिशा में बेहतर कार्य हुआ है । टीकाकरण अभियान में ‘मिशन इन्द्रधनुष’ के माध्यम से 3 करोड़ 40 लाख बच्चों और 90 लाख गर्भवती महिलाओं को टीका लगाकर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान की गयी है । उन्होन कहा कि सरकार ने उज्ज्वला योजना में गरीब परिवारों को 6.25 करोड़ मुफ्त रसोई गैस कनैक्शन देकर बच्चों की माताओं को भी धुयें से मुक्ति देकर उनके श्रम और समय की भी बचत की है ।
गऊ माता के दूध कर्ज नही चुक सकता, पीएम किसान योजना का सबसे ज्यादा लाभ यूपी में –
प्रधानमंत्री ने कहा कि गऊ माता के दूध का कर्ज कोई नहीं चुका सकता । गऊ शक्ति के सवंर्धन, संरक्षण के लिये ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ बनाकर 500 करोड़ रूपये की बजट में व्यवस्था की गयी है । उन्होने कहा कि पशुपालन ऋण के लिये बैंकों ने दरवाजे खोल दिये हैं । आगामी दिनों में डेरी उद्योग का विस्तार होगा । कहा कि पीएम किसान योजना का लाभ सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में होगा । क्योंकि कम जोत वाले ज्यादातर किसान यूपी में हैं । नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्वच्छता को अपनाकर बच्चों को डायरिया जैसी बीमारियों से दूर रखा जा सकता है । स्वच्छ भारत अभियान चला कर इसी सुरक्षा कवच को मजबूत किया गया है । एक रिर्पोट का हवाला देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ शोचालय के प्रयोग से प्रतिवर्ष 3 लाख जीवन बचाये जा सकते हैं । 
टेलीप्राम्पटर पर देख सुनाये श्लोक –
प्रधानंमत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण के मध्य दो बार भगवद् गीता के श्लोकों का संस्कृत में धाराप्रवाह उच्चारण कर उनका अर्थ बताया । वहीं आयोजन से जुड़े संस्थाधिकारी एंव स्थानीय नेताओं के नाम भी वे बिना रूके बोलते गये । यह देखकर उपस्थित लोग विस्मित होते रहे । बाद में पता चला कि मोदी टेलीप्राम्पटर तकनीकि के जरिये यह अचम्भा कर रहे थे । मंच पर दो पोडियम (माईक स्टैण्ड) लगाये गये थे जिनमें एक ओर दो टेलीप्राम्पटर लगे हुये थे । यह पारदर्शी इलैक्ट्रोनिक शीशे थे जिन पर कम्प्यूटर के माध्यम से स्पीच प्रदर्शित होती है । दूर बैठे दर्शकों को यह दिखायी नहीं आते । 
इस बार का कुम्भ स्वच्छता के लिये भी जाना जायेगा- योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने कहा कि पहले कुम्भ को सामाजिक समरसता और नागा बाबाओं के दर्शन के लिये जाना जाता था । इस बार अर्न्तराष्ट्रीय मीडिया में कुम्भ में स्वच्छता को लेकर रिर्पोट प्रकाशित हो रही हैं । प्रधानमत्री की प्रेरणा से इस बार प्रयाग कुम्भ स्वच्छता को लेकर भी याद किया जायेगा । उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार अक्षयपात्र के सहयोग से गुणवत्तायुक्त भोजन स्कूली बच्चों को उपलब्ध कराया जा रहा है । 6 नये जनपदों में अक्षयपात्र के रसोईघरों के लिये प्रदेश सरकार ने धनराशि अवमुक्त कर दी है ।
आगामी 5 वर्षों में 100 रसोई स्थापित करेगा अक्षयपात्र – स्वामी मधुपंडित दास
अक्षयपात्र फाउन्डेशन के अध्यक्ष स्वामी मधुपंडित दास ने अक्षयपात्र के फाउन्डेशन के कार्यों पर प्रकाश डाला । उन्होने कहा कि शुरूआत में 1500 बच्चों को भोजन देकर हमने इस अक्षयपात्र की शुरूआत की । 1500 से बढ़कर आज यह संख्या 17 लाख हो गयी है । आज प्रतिदिन 17 लाख बच्चों को संस्था मिड-डे मील वितरित कर रही है । भारत सरकार द्वारा स्कूली बच्चों में भोजन वितरण की योजना में अक्षयपात्र अपना सहयोग दे रहा है । शुरूआत में हमारी संस्था ने 3 लाख का ऋण दिया था । लेकिन बाद में लोग जुड़ते गये । एक सज्जन ने 6 करोड़ का दान देकर इस सेवा कार्य को गति प्रदान की । आगामी 5 साल में 100 अक्षयपात्र रसोई बनाने का लक्ष्य है ।
ये रहे मौजूद – 
उत्तर प्रदेश राज्यपाल रामनाईक, उर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, सांसद हेमामालिनी, दुग्धविकास एवं धार्मिक संस्कृति मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, बालविकास-पोषण राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, अक्षयपात्र फाउन्डेशन के अध्यक्ष एवं मैनेजिंग ट्रस्टी स्वामी मधुपंडित दास, उपाध्यक्ष स्वामी चंचलापति दास, ट्रस्टी मोहन दास भाई, अभय जैन, चन्द्रोदय मंदिर उपाध्यक्ष युधिष्ठर दास, पीआरओ अभिषेक शर्मा, गोवर्धन विधायक कारिंदा सिंह, बल्देव विधायक पूरनप्रकाश एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे । 

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