डिस्कबरी आॅफ इटावा: देवेश शास्त्री

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सर्वोत्कृष्ट जैनतीर्थ ‘आसई’ गंगा-यमुना के उद्गम (गंगोत्री-यमुनोत्री) से लेकर संगम (प्रयाग) तक फैले इष्टसाध्य इष्टापथ का केन्द्र इष्टिकापुरी (इटावा) जनपद में सूर्य तनया यमुना के उत्तरी तटस्थ दुर्गम करारों के मध्य विस्तृत राज्य था आसई, जिसे जैनतीर्थ आशानगरी नाम से जाना जाता था। यह जैनतीर्थ निश्चित रूप से अन्य तीर्थो से अति सर्वोत्कृष्ट रहा होगा,… Read more »