गम्भीर हैं हालात, प्रधानमंत्री खुद करें हस्तक्षेप: दीपेंन्दर हुड्डा

दो दिन से मांगी रोहतक जाने की अनुमति, प्रशासन नहीं दे रहा इजाजत
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भी माँगा समय, कर रहे हैं इन्तजार03hooda

हरियाणा में गम्भीर हो रहे हालात को जल्दी से जल्दी काबू में लाने के लिए रोहतक सांसद दीपेन्दर हुड्डा ने प्रधानमंत्री से सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होने सरकार और समाज के सभी वर्गों को सयंम बरतने की अपील की है।

उन्होने पिछले दो दिनों में अपने संसदीय क्षेत्र में जाने की कई बार अनुमति मांगी हैं पर स्थानीय प्रशासन ने हर बार उनको रोहतक जाने से रोक दिया है।
रोहतक सांसद ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को अविलंब हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि जान और माल को हो रहे नुकसान पर तेजी से काबू पाया जा सके।उन्होने कहा कि उन्होने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से व्यक्तिगत रुप से मिलने के लिए समय मांगा है पर अभी तक उनको समय नहीं दिया गया है। श्री हुड्डा ने कहा कि वो व्यक्तिगत रुप से प्रधानमंत्री से मिल कर उनको पूरे मामले से अवगत कराना चाहतें हैं ताकि हालात को जल्द से जल्द काबू में लाया जा सके और मामाले को सुलझाया जा सके।

प्रदेश में शांति और भाईचारे के लिए दिल्ली में जंतर मंतर पर आमरण उपवास पर बैठे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ भूपेन्दर सिंह हुड्डा के साथ बैठे रोहतक सांसद ने, विगत कुछ दिनों में मरने वालों के परिवारों के साथ सांत्वना प्रकट की और कहा कि इस पूरे मामले में हुए जान और माल के नुकसान से वो बहुत दुखी है। उन्होने कहा की उनकी संवेदनांए उन लोगों के साथ भी हैं जिनकी दुकानों और जीविका के साधनों को नुकसान हुआ है।

रोहतक सांसद चौ दीपेंन्द्र सिंह हुड्डा ने समाज के सभी वर्गों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है और आग्रह किया है की वो असामाजित तत्वों के बहकावे में न आएं। श्री हुड्डा ने प्रदेश के सभा युवाओं से सयंम बनाए रखने की भी अपील की और कहा कि हरियाणा का इतिहास गौरवमयी है और हिंसा से किसी को फायदा नहीं होता।

रोहतक सांसद श्री हुड्डा ने कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है और वर्तमान में सबसे बड़ी जरुरत शांति और भाईचारा बहाल करने की है।
उन्होने कहा की हमें हर गांव और शहर में सर्वजातीय शांति कमेटियों का गठन करना होगा जिससे समाज के सभी वर्गों के बीच भाईचारा फिर से कायम हो सके।श्री हुड्डा ने कहा कि गांव के बडे-बूढों और बुजुर्गों पर वो यह जिम्मेदारी सौपना चाहेंगें की मुश्किल की घडी में वो नौजवानों को सही रास्ता दिखांए ताकि असामाजिकतत्वों के मनसूबे सफल न हों।

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