जानिए 6 दिसंबर कैसे बदला शौर्य दिवस और संविधान बचाओ दिवस में…

नई दिल्ली: मौजूदा समय में अय़ोध्या में राम मन्दिर निर्माण का विषय देश में सबसे ज्यादा चर्चित है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले इस मामले ने काफी जोर पकड़ लिया है। मौजूदा सरकार को विपक्ष लगातार इस मामले में घेर रहा है। यह मामला आज के दिन औऱ भी ज्यादा जवलंत हो जाता है, इसके पीछे का कारण है आज की तारीख।आपको बताते चले कि 26 साल पहले उत्तर प्रदेश का अयोध्या हजारों कारसेवकों की मौजूदगी से दहल गया था। 6 दिसंबर, 1992 को जय श्री राम के नारे लगाते हुए कारसेवक बाबरी मस्जिद के गुंबदों पर चढ़ गए और उसे जमींदोज कर टेंट में रामलला की मूर्ति रख दी। लेकिन इतने संगर्ष के बाद भी आज तक राम मन्दिर का निर्माण नही हो सका।इस मामले में संतों के कई धड़े मौजूदा सरकार को खुली चेतावनी पेश करते हुए चुनाव में सबक सिखाने तक का दंभ भर चुके हैं। भाषण से लेकर संतों की सभाओं तक, हर चर्चा-परिचर्चा के केंद्र में यही सबसे ज्वलंत मुद्दा है। इस बीच 6 दिसंबर के बहाने विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने नए आंदोलन की तैयारी की है।

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