4 हजार 516 रामभक्‍तों ने 30 दिन घर से बाहर रहकर अब तक निधि संग्रह का संकल्‍प लिया

भोपाल। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निधि समर्पण के लिए मध्‍य भारत प्रांत की बनाई गई समिति ने प्रांत योजना से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, इसमें अब प्रदेश के चार संभागीय केंद्रों ग्‍वालियर-चंबल, भोपाल-नर्मदापुर सहित शासकीय दृष्टि से 16 जिलों में अब तक 4 हजार 516 रामभक्‍तों ने 30 दिन घर से बाहर रहकर निधि संग्रह का संकल्‍प लिया है, जोकि 15 जनवरी से घर-घर 3-4 की सदस्‍य संख्‍या में जाकर संपर्क अभियान से निधि संग्रह आरंभ करेंगे।

राज्‍य के इन 16 जिलों में विदिशा से अब तक सबसे अधिक श्रीराम भक्‍तों की संख्‍या सामने आई है जोकि अपना घर एक माह के लिए पूरी तरह से छोड़ने जा रहे हैं। वहीं यदि संभागीय केंद्र की बात की जाए तो भोपाल प्रदेश की राजधानी से सबसे अधिक श्रीरामभक्‍त इस निधि समर्पण के महाअभियान के लिए अपने घर का सुख छोड़ गांव-गांव, मोहल्‍ले-मोहल्‍ले जाएंगे।

दरअसल, इसके लिए अब तक जो संख्‍या इन जिलों से सामने आई है उनमें अब तक के आंकड़े को देखें तो दतिया में 200, ग्वालियर में 400, मुरैना में 192, सबलगढ़ में 122, भोपाल में 600, होशंगाबाद में 300, विदिशा में 450, हरदा से 200, बैतूल में 200, राजगढ़ में 300, सीहोर में 300, भिण्‍ड में 250, रायसेन से 200, गुना से 300, शिवपुरी से 250, अशोक नगर से 200 और श्‍योपुर से 200 की संख्‍या में श्री रामभक्त इस तेज ठंड के मौसम में अपना पारिवारिक सुख-आराम छोड़कर घर से दूर भगवान के भव्य मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण संग्रह के लिए जुट रहे हैं ।

इसे लेकर निधि समर्पण मध्‍य भारत के प्रान्त अभियान प्रमुख श्री बृजेश सिंह चौहान ने बताया कि भगवान श्रीरामजी ने 14 बरस के लिए अपना घर बार छोड़ पिता की आज्ञा का पालन कर वनवास धारण किया था और इस दौरान उन्होंने जो राक्षसों का मान-मर्दन करने का कार्य किया वह तो अपनी जगह है, लेकिन मां अहिल्‍या, माता सबरी जैसे भक्तों के उद्धार के साथ ही नर-बानर एवं अनेक पशु-पक्षी जातियों के बीच जिस प्रकार की सामाजिक समरसता समाज में स्थापित की, उसका अन्‍यंत्र कोई उदाहरण देखने को नहीं मिलता ।

उन्‍होंने कहा कि जब प्रभु श्रीराम अपने जनहिताय-सर्वजन सुखाय घर-परिवार त्याग कर 14 साल के लिए माता सीता, भाई लक्ष्‍मण के साथ वन गमन कर सकते हैं तो हम लोग उनके भक्त क्या भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए 1 महीने के लिए अपना घर भी नहीं छोड़ सकते हैं? इसलिए यहां श्री रामभक्तों ने निर्णय लिया है कि वह निधि समर्पण संग्रह के लिए अधिक से अधिक संख्या में घर-घर जाएंगे, लोगों से बातचीत कर उन्‍हें भगवान के भव्य मंदिर निर्माण के लिए अधिक से अधि‍क निधि समर्पित करने को प्रेरित करेंगे । साथ ही ये सभी प्रयास करेंगे कि लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में आगे आएं और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में अपना तन, मन, धन देकर संपूर्ण सहयोग प्रदान करें ।

इस दौरान उन्‍होंने यह भी बताया कि योजना लक्ष्य की पूर्ति के लिए बनाई गई है, जिसमें हमने 1 माह के लिए श्रीराम के भक्‍तों से घर छोड़कर अपना समय दान करने का आवाहन किया है और हमारे इस आवाहन पर अभी तक मध्य भारत प्रांत के शासकीय 16 जिलों से 4 हजार 514 राम भक्तों के नाम सामने आए हैं जोकि स्‍वेच्‍छा से अपना घर छोड़कर गांव-गांव, नगर-नगर लोगों से संपर्क करेंगे और अधिक से अधिक राम मंदिर निर्माण में निधि संग्रह के काम को पूर्णता प्रदान करेंगे । उन्‍होंने कहा कि समर्पण के साथ समयदानी भक्‍तों की इस संख्‍या के अभी और अधिक बढ़ने की उम्‍मीद बनी हुई है।

संपर्क

श्री ओम प्रकाश सिसोदिया

+91 94251 05850

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