Posted On by &filed under समाज.


NRSरोहतक। युवा शक्ति किसी भी समाज में फैली विसंगतियों को दूर करने की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की सोच में परिपक्वत्ता लाना आज समय की बहुत बड़ी मांग है। यह कहना है पंडित नेकीराम शर्मा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश श्योराण का। डॉ. श्योराण शुक्रवार को जाट कॉलेज के स्वयंसेवकों के कन्हैली के स्कूल में लगे शिविर के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सभी को किसी न किसी आदर्श व्यक्तित्व के विचारों को अमल में लाना चाहिए। आज का विद्यार्थी उतावलेपन में कई ऐसे फैसले लेता है जोकि किसी के लिए भी हितकर नहीं होते। इसलिए उसे दिल व दिमाग का संतुलन रखते हुए समाज हित के लिए फैसले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कुरीतियों को दूर करने के लिए एनएसएस जैसी सेवा में विद्यार्थियों को आगे आना चाहिए। जाट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार मलिक ने कहा कि युवा शक्ति की बदौलत एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। युवाओंं को अपने प्राचीन सामाजिक मूल्यों का गहनता से अध्ययन करते हुए उनका पालन करने की सख्त जरूरत है। शिविर के पांचवे दिन स्वयंसेवकों को डॉ. जयबीर मलिक ने आत्म मूल्यांकन करने की बात पर बल दिया। इसी दौरान ब्रिगेडियर एम.एस. हुड्डा ने ध्यान लगाने व उसके फायदों के बारे में जागरूक किया। 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

* Copy This Password *

* Type Or Paste Password Here *