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‘जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए वैश्विक नेतृत्व को प्रेरित कर रहा है भारत’

‘जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए वैश्विक नेतृत्व को प्रेरित कर रहा है भारत’

जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए भारत वैश्विक नेतृत्व को प्रेरित कर रहा है क्योंकि भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरत का 40% हिस्सा 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य को नियत समय से 8 साल पहले प्राप्त किया जा सकता है। यह कहना है महिंद्रा समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आनंद महिंद्रा का।

महिंद्रा ने कल यहां कहा, ‘‘ भारत में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की उन पहलों का धन्यवाद किया जाना चाहिए जो भारत को उस मिशन पर ले जाती है जहां वह नवीकरणीय ऊर्जा के विकास में संभवत: अमेरिका से भी आगे है। यह जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए वैश्विक नेतृत्व को प्रेरणा देने वाला है।’’ सैन फ्रांसिस्को क्रोनिकल में लिखे एक संपादकीय में उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरत का 40% हिस्सा 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसे नियत समय से 8 साल पहले पूरा कर लिए जाने की संभावना है। इसकी तुलना कैलिफोर्निया से की जा सकती है जिसने अपनी ऊर्जा जरूरत का 50% हिस्सा 2030 तक नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है जबकि अमेरिका की इस तरह के किसी लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्धता नहीं है।’’ भारत और चीन को प्रदूषण पैदा करने वाला विश्व का सबसे बड़ा देश बताए जाने की बात पर गौर करते हुए महिंद्रा ने कहा कि एशिया की यह दो बड़ी ताकतें अब अपने विकासशील स्तर से ऊपर उठ रही हैं और उनके पास जलवायु परिवर्तन को लेकर कुछ जिम्मेदारियां हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और चीन जहां औद्योगिक पश्चिम की तुलना में कम प्रदूषण करते हैं, वहीं औद्योगिक प्रदूषण को घटाने के प्रयासों में वे विश्व में अग्रणी हैं।

महिंद्रा ने कहा कि भारत ने ऊर्जा के लिए कोयले से सौर की तरफ रूख करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। सौर और पवन ऊर्जा में भारी निवेश से बिजली की कीमतें कम हुई हैं। कई जगहों पर तो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत पारंपरिक स्रोतों से सस्ती बिजली उत्पादित कर रहे हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि महिंद्रा इलैक्ट्रिक के पास ई-कारों का दुनिया में सबसे बड़ा बेड़ा है और यह भारत सरकार के साथ ई-वाहनों के लिए नयी नीतियां बनाने और चार्जिंग का बुनियादी ढांचा खड़ा करने पर नजदीक से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश के बिजली मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 2030 तक देश में बेची जाने वाली सभी कारें इलैक्ट्रिक होनी चाहिए।

( Source – PTI )

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