Posted On by &filed under टेक्नॉलोजी.


gslv-mk2 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सार्क देशों के लिए एक उपग्रह लांच करने की तैयारी कर रहा हैं। यह उपग्रह सार्क देशों को अंतरिक्ष आधारित प्रणाली प्रदान करने के लिए इसरो 12 केयू बैंड ट्रांसपोंडर का उपग्रह बना रहा हैं और इसे भारतीय भू-स्थिर प्रक्षेपण यान जीएसएलवी एमके-2 के जरिये लांच किया जायेगा। प्रस्तावित उपग्रह को लांच करने का पूरा खर्च भारत सरकार उठाएगी जो कि 235 करोड़ रूपये है।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह ने राज्य सभा में बताया कि प्रस्तावित उपग्रह भारत के पड़ोसियों को दूरसंचार और प्रसारण अनुप्रयोगों के क्षेत्र में सेवाएं जैसे टेलीविजन, डायरेक्ट-टू- होम (डीटीएच), वेरी स्मॉल अपर्चर टर्मिनल (वीसैट), टेली-शिक्षा, टेलीमेडिसिन और आपदा प्रबंधन जैसी सहायता प्रदान करेगा।

जितेंद्र सिंह ने सदन में बताया कि प्रस्तावित उपग्रह के मूल्यांकन तथा चर्चा करने के लिए सभी सार्क देशों ने नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में भाग लिया था। प्रस्ताव पर सभी देशों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक थी। लेकिन पाकिस्तान ने इस प्रस्तान पर अपनी सहमति देने से पहले चर्चा की इच्छा जताई है।

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz