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श्री राजनाथ सिंह ने वेब पोर्टल ‘भारत के वीर’ का उद्घाटन किया

श्री राजनाथ सिंह ने वेब पोर्टल ‘भारत के वीर’ का उद्घाटन किया

केन्‍द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज यहां केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वीरता दिवस के अवसर पर ‘भारत के वीर’ नाम से वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया। यह पोर्टल सूचना प्रौद्योगिकी आधारित मंच है, जिस पर दानदाता राष्‍ट्र के प्रति अपना कर्तव्‍य निभाते हुए सर्वोच्‍च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिवारों के लिए योगदान दे सकते हैं। दान दी गई राशि केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल(सीएपीएफ)/केन्‍द्रीय अर्द्धसैन्‍य बल के सैनिकों के ‘नजदीकी परिजन’ के खाते में जमा की जाएगी। इस कार्यक्रम में सम्‍मानित अतिथि अभिनेता श्री अक्षय कुमार थे।

इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वे राष्‍ट्र की सुरक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं। उन्‍होंने कहा कि सीआरपीएफ और सीएपीएफ कर्मियों के जीवन में हर क्षण उनके साहस और वीरता की परीक्षा होती है। उन्‍होंने कहा कि एक सैनिक को गोली शारीरिक रूप से घायल कर सकती है, लेकिन कोई भी गोली सैनिक के साहस और उत्‍साह को हरा नहीं सकती। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीआरपीएफ के कमांडेंट चेतन चीता का साहस इसका उदाहरण है, जिन्‍हें नौ गोलियां लगी, लेकिन उन्‍होंने जीवन से हार नहीं मानी।

केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने वेब पोर्टल ‘भारत के वीर’ शुरू करने की परिकल्‍पना के लिए अभिनेता श्री अक्षय कुमार का आभार व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें आशा है कि यह पोर्टल सफल होगा और बहादुर सैनिकों के लिए प्रेरणा के रूप में कार्य करेगा। उन्‍होंने कहा कि अक्षय कुमार लोगों के लिए एक नायक है, लेकिन श्री अक्षय कुमार के असली हीरो अर्द्धसैन्‍य बलों के सैनिक हैं। श्री राजनाथ सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वे वेब पोर्टल देखें और अधिक से अधिक योगदान करें। केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीआरपीएफ की बहुआयामी भूमिका है और उन्‍हें उनकी वीरता तथा साहस पर गर्व है। उन्‍होंने कहा कि शहीद के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की सहायता राशि मिलनी चाहिए और अगर इसके बाद भी कुछ और आवश्‍यकता होती है, तो उसका भुगतान सरकार करेगी। उन्‍होंने कहा कि सेना के योगदान से पिछले तीन वर्षों के दौरान वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 45 से 50 प्रतिशत, पूर्वोत्‍तर और जम्‍मू-कश्‍मीर में उग्रवाद की घटनाएं 75 प्रतिशत कम हुई है।

गृह सचिव श्री राजीव महर्षि ने भी इस पोर्टल की परिकल्‍पना और शहीदों के परिवारों के लिए योगदान देने के वास्‍ते अभिनेता श्री अक्षय कुमार को धन्‍यवाद दिया। इस अवसर पर अभिनेता श्री अक्षय कुमार ने कहा कि यह वेब पोर्टल मात्र ढाई महीने के रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है। उन्‍होंने कहा कि यह पोर्टल राष्‍ट्र के लिए अपना बलिदान देने वाले सैनिकों के परिजनों के लिए सहायक होगा। उन्‍होंने कहा कि यह पोर्टल उन लोगों के लिए मंच होगा, जो बहादुर जवानों के परिवारों के लिए योगदान देना चाहते हैं, लेकिन इसके चैनल के बारे में उन्‍हें जानकारी नहीं होती है। उन्‍होंने इस पोर्टल को शुरू करने में सहयोग के लिए गृह मंत्रालय का आभार व्‍यक्‍त किया।

वेबसाइट ‘भारत के वीर’ वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में उपलब्‍ध होगा। इस वेबसाइट के लिए तकनीकी सहायता राष्‍ट्रीय सूचना विज्ञान केन्‍द्र (एनआईसी) द्वारा उपलब्‍ध कराई गई और भारतीय स्‍टेट बैंक इसे संचालित करेगा। अधिकतम 15 लाख रुपये तक की राशि दान दी जा सकती है और दान की राशि इससे अधिक होने पर सतर्क किया जाएगा, ताकि दानदाता अतिरिक्‍त राशि को किसी अन्‍य साहसी सैनिक के खाते में या ‘भारत के वीर’ कॉपर्स में जमा करा सकते हैं। ‘भारत के वीर’ कॉपर्स का प्रबंधन प्रतिष्ठित व्‍यक्तियों और वरिष्‍ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

गृह मंत्री ने आज वीरता दिवस के अवसर पर सीआरपीएफ कर्मियों (मरणोपरांत सहित) को वीरता के लिए पुलिस पदक भी प्रदान किये। वीरता दिवस 9 अप्रैल, 1965 को गुजरात में कच्‍छ के रण में सरदार पोस्‍ट पर पाकिस्‍तानी सेना के खिलाफ सीआरपीएफ सैनिकों की एक छोटी सी टुकड़ी द्वारा प्रदर्शित किए गए असाधारण वीरता की याद में मनाया जाता है। उन्‍होंने न केवल पाकिस्‍तानी सेना को हराया था, बल्कि 34 पाकिस्‍तानी सैनिकों को मार गिराया और चार सैनिकों को जिंदा पकड़ा था। सीआरपीएफ ने सफलतापूर्वक अपनी चौकी का बचाव किया था। सरदार पोस्‍ट की वीरता की गाथा सीआरपीएफ के अधिकारियों और कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इसलिए 9 अप्रैल को ‘वीरता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

इस अवसर पर पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय में सचिव श्री परमेश्‍वरन अय्यर, सीआरपीएफ के महानिदेशक (कार्यालय) श्री सुदीप लखटकिया, खूफिया ब्‍यूरो के निदेशक श्री राजीव जैन, सीएपीएफ के महानिदेशक और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

( Source – PIB )

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