वन्देमातरम राष्ट्रभक्तो का मुलमंत्र है विहिप बजरंग दल की शौर्य सभा में बोले मुकेश मालवा, हजारों बजरंगियों ने निकाला शौर्य संचलन
\विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा रविवार को नीमच के दशहरा मैदान में भव्य शौर्य सभा व शौर्य संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं रामदरबार के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम की भूमिका विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला ने रखी उन्होंने कहा कि बजरंग दल समाज के बीच यह संदेश देता है कि जब तक बजरंगी है, जब तक बजरंग दल है, किसी भी जिहादी या विधर्मी से डरने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई विधर्मी षड्यंत्र करता है, चाहे वह लव जिहाद हो, लैंड जिहाद हो या किसी भी प्रकार का जिहाद, तो बजरंग दल अपने हाथ में दंड लेकर समाज को आश्वस्त करता है कि हम उनकी और हमारी गौ माता की रक्षा के लिए तत्पर हैं।
श्री झाला के उद्बोधन के पश्चात मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय कवि एवं प्रांत विमर्श प्रमुख मुकेश मोलवा ने कहा गुरु तेगबहादुर के बलिदान के 350 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और यह बलिदान आज भी राष्ट्र को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल राष्ट्र शक्ति के रूप में सेवा, सुरक्षा और संस्कार के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रहा है, उन्होंने इतिहास के महान नायकों का स्मरण करते हुए कहा कि चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, विक्रमादित्य, यशोधर्मा, बाजीराव, रविदास, रामप्रसाद बिस्मिल, केशव और माधव हमारे आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि जब भी मथुरा में कन्हैया और काशी का आह्वान होगा, देश का युवा संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। गौ, गंगा, गायत्री और गीता की रक्षा का संकल्प दोहराया। इतिहास से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और स्कंदगुप्त के शौर्य का उल्लेख किया और कहा कि इन वीरों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
धर्मो रक्षति रक्षितः’ और ‘सेवा, सुरक्षा, संस्कार’ के आदर्शों पर चलने वाला यह बजरंग दल का कार्यकर्ता है। बजरंग दल राष्ट्र की शक्ति है, बजरंग दल राष्ट्र की चेतना है, बजरंग दल हिंदू समाज का सुरक्षा कवच है।”
”जिस तरह से जिहादी लोग जिहाद करते हैं और वे राष्ट्रीय मूल्यों का सम्मान नहीं करते हैं, लेकिन बजरंग दल हिंदू समाज की रक्षा के लिए, राष्ट्र के मूल्यों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। और इसीलिए भारत माता के लिए अपने प्राण लुटाने को भी तैयार है।”
”बजरंग दल का कार्यकर्ता इस राष्ट्र के लिए, इस मिट्टी के लिए अपना बलिदान तक करने को तैयार है। और कल जैसा कि वीर बाल दिवस था, गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों का बलिदान, तो यह बजरंग दल का कार्यकर्ता भी उन्हीं के आदर्शों पर चलता है। और बजरंग दल का कार्यकर्ता भारत माता को परम वैभव पर स्थापित करने के लिए कार्य करता है ।
शौर्य सभा के पश्चात विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मंत्री कैलाश मालवीय, बजरंगदल जिला संयोजक दुर्गेश धनगर के नेतृत्व में शौर्य संचलन निकला, मुख्य ध्वजा जिला सहसंयोजक बृजेश वाल्मीकि ने थामी हुई थी। संयोजक पवन जयसवार और दिलीप ग्वाला ने अग्रिम पंक्ति में ध्वजा थमी हुई थी, घोष का नेतृत्व जिला गौरक्षा प्रमुख राहुल कुशवाह द्वारा किया गया, मध्य में कपिल बैरागी ने वाहिनी का नेतृत्व किया । संचलन दशहरा मैदान से प्रारंभ हुआ जो कि श्री अनंत बालाजी, गांधी भवन, लायंस पार्क चौराहा, अजमीढ़ जी सर्कल, एलआईसी चौराहा, विश्वकर्मा चौराहा, शिवाजी सर्कल, एसपी कार्यालय, सब्जी मंडी, महेश सर्कल, कमल चौक, फव्वारा चौक, नया बाजार, घंटाघर, पुस्तक बाजार, भारत माता चौराहा, विजय टॉकीज चौराहा होते हुए पुनः दशहरा मैदान पहुंचा जहां पर आयोजन का समापन हुआ ।
इस अवसर पर हजारों की संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पूर्ण गणवेश में अनुशासित कदमताल करते हुए नगर में निकले। घोष और देशभक्ति नारों से वातावरण ओज और उत्साह से भर गया। कार्यक्रम का संचालन विहिप जिला सहमंत्री विनोद माली ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन बजरंग दल जिला संयोजक दुर्गेश धनगर ने किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र गर्ग, उपाध्यक्ष संजय यादव, जिला सह मंत्री राहुल पाटीदार, जिला जिला सेवा प्रमुख संजय चौरसिया, जिला गोरक्षा प्रमुख राहुल कुशवाह, जिला धर्म प्रचार प्रसार प्रमुख विनोद जयसवार, सूरज ग्वाला, भोमेंद्र जोशी, कपिल बैरागी, विनोद माली, पवन जायसवार, नितिन बागड़ी, तूफान धनगर, राजू धनगर, राधे राठौर, राजेश सोलंकी, मंगल देवड़ा, सावन चौहान, नरेंद्र मालवीय, मांगीलाल, गौरव गुप्ता, अनिल कुशवाहा, पवन राठौड़, पवन बैरागी, गौतम बैरागी, गोपाल सैनी, अर्जुन पंडित, शिवलाल पाटीदार, सुरेश साहू, महेश पाटीदार, कंवरलाल मीणा, रवि परिहार, आदर्श अहीर, शुभम अहीर, अर्जुन यजुर्वेदी, असीम व्यास सहित विभाग, जिला, प्रखंड एवं खंड स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सामाजिक व वैचारिक संगठनों, मातृशक्ति एवं प्रबुद्धजनों की बड़ी संख्या में उपस्थित रही । व्यवस्था संभालने में नीमच कैंट और यातायात पुलिस की सराहनीय भूमिका रही ।