पाकिस्तान का तोड़ खोजना जरूरी

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संदर्भः हाफिज सईद की रैली में फिलस्तीन के राजदूत की उपस्थिति प्रमोद भार्गव द्विपक्षीय संबंधों के निर्वाह की दृष्टि से यह ठीक है कि फिलस्तीन ने पाकिस्तान से अपने राजदूत वालीद अबु अली को वापस बुला लिया। लेकिन एक आतंकवादी की सभा में किसी देश के राजनयिक का शामिल होने पर भारत का ऐतराज स्वाभाविक… Read more »

चीन की अरुणाचल प्रदेश के अस्तित्व को चुनौती

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प्रमोद भार्गव चीन ने एक बार फिर सीमा विवाद खड़ा कर दिया है। दिसंबर 2017 में चीनी सैनिकों की भारतीय सीमा में घुसपैठ करने के साथ यह सीनाजोरी भी की अरुणाचल प्रदेश नाम का कोई राज्य भारत का हिस्सा है, इसे वह मानता ही नहीं है। यह बरजोरी सीधे-सीधे अरुणाचल के अस्तित्व को नकारने की… Read more »

दुनिया मे फैलता चीन का आर्थिक साम्राज्यवाद

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दुलीचन्द रमन चीन ने श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का जो हश्र किया है वो दूसरे देशों के लिए सबक हो सकता है। छोटे-छोटे देशों में चीन उन देशों की अर्थव्यवस्था को निवेश के नाम पर गुलाम बनाने की कोशिश कर रहा है। पहले ये देश निवेश की चकाचौंध में आ जाते है। लेकिन जब वस्तुस्थिति का… Read more »

यरूशलम विवाद : शिया-सुन्नी संघर्ष की अमेरिकी साजि़श

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तनवीर जाफ़री ‘बांटो और राज करो’ की जिस नीति पर चलते हुए ब्रिटिश राज ने लगभग पूरे विश्व में अपने साम्राज्य का विस्तार कर लिया था ठीक उसी नीति का अनुसरण आज अमेरिका द्वारा किया जा रहा है। परंतु बड़े आश्चर्य की बात है कि दुनिया का हर देश तथा वहां के बुद्धिमान समझे जाने… Read more »

चिनफिंग इज चाइना

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जावेद अनीस चीन विरोधाभासों से भरा देश है, जहाँ एक कम्युनिस्ट शासन व्यवस्था के माध्यम से पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का सफल संचालन हो रहा है, चीनी शासक वर्ग इसे चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद के रूप में पेश करता है. इसी अटपटे रास्ते पर चलते हुए आज चीन विश्व अर्थतंत्र का ड्राइविंग मशीन बन चुका है. चीन… Read more »

सोवियत रूस में क्रांति का ऐसा हश्र क्यों हुआ?

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक रुस में हुई साम्यवादी सोवियत क्रांति को पूरे 100 साल हो गए।  इसे 7 नवंबर को मनाया जाता है लेकिन रुसी भाषा में इसे ‘अक्ताब्रिस्काया रिवलूत्सी’ याने अक्तूबर क्रांति कहते हैं। इस क्रांति को पिछले सौ साल की सबसे बड़ी घटना कहा जा सकता है। दुनिया के कई अन्य देशेां में भी… Read more »

चीन में दूसरे माओ का जन्म

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक   चीन में इस साल नए माओत्सेतुंग का जन्म हुआ है। माओ जितना ताकतवर नेता चीन में अब तक कोई और नहीं हुआ है। माओ के रहते ल्यू शाओ ची और चाऊ एन लाई प्रसिद्ध जरुर हुए लेकिन वे माओ के हाथ के खिलौने ही बने रहे। माओ के बाद चीन में… Read more »

उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह की घातक मंशा

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संदर्भ-संयुक्त राष्ट्र संघ में उत्तर कोरिया के राजदूत किमयांग का परमाणु युद्ध छिड़ने का बयान प्रमोद भार्गव एक सनकी तानाशाह मानव समुदाय के लिए कितना खतरनाक हो सकता है, यह उत्तर कोरिया के स्वंयभू शासक किमजोंग उन ने तय कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ में उत्तर कोरिया के राजदूत किमयांग ने यह कहकर दुनिया… Read more »

ओबोर पर अमेरिका ने दिया चीन को झटका

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संदर्भः-अमेरिका के राष्ट्रपति और रक्षामंत्री ने चीन की वन बेल्ट वन रोड के बहाने गुलाम कश्मीर पर जताई आपत्ति प्रमोद भार्गव   जून माह में वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त घोषणा-पत्र में पहली बार चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड‘ (ओबोर- नया नाम बेल्ट… Read more »

चीन की विस्तारवादी नीति पर भारतीय प्रतिकार

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 डॉ. मयंक चतुर्वेदी डोकलाम क्षेत्र को लेकर चीन के विदेश विभाग की ओर से लगातार जिस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, उससे यही लगता है कि चीन किसी भी सीमा तक जाकर इस क्षेत्र पर अपना कब्‍जा जमाने की मंशा रखता है। वह इन दिनों इसी कोशिश में लगा हुआ है‍ कि किसी भी… Read more »