हिंदी के नाम पर पाखंड

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक ताजा खबर यह है कि विश्व हिंदी सम्मेलन का 11 वां अधिवेशन अब मोरिशस में होगा। मोरिशस की शिक्षा मंत्री लीलादेवी दोखुन ने सम्मेलन की वेबसाइट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘आज हिंदी की हालत पानी में जूझते हुए जहाज की तरह हो गई है।’ अच्छा हुआ कि… Read more »

मैं ककहरा सीख रहा था, वो प्रिंसीपल थे..

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मनोज कुमार मैं उन दिनों पत्रकारिता का ककहरा सीख रहा था. और कहना ना होगा कि रमेशजी इस स्कूल के प्रिंसीपल हो चले थे. यह बात आजकल की नहीं बल्कि 30 बरस पुरानी है. बात है साल 87 की. मई के आखिरी हफ्ते के दिन थे. मैं रायपुर से भोपाल पीटीआई एवं देशबन्धु के संयुक्त… Read more »

अप्रासंगिक शिक्षक

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सुमनजी का फोन आया था । हमलोग डीएवी कॉलेज, सीवान के वनस्पति शास्त्र विभाग में सहकर्मी थे। मुझे सेवानिवृत्त हुए तेइस साल बीत गए हैं। सुमनजी भी प्रायः दस साल पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। सुमनजी ने बताया कि अपने विभाग के सभी सहकर्मी सेवानिवृत्त हो गए हैं और नई नियुक्ति नहीं हुई है। नतीजा है… Read more »

किशोरी अमोनकर के शास्त्रीय संगीत में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती थी

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(86वें जन्मदिवस 10 अप्रैल 2018 पर विशेष आलेख) किशोरी अमोनकर एक भारतीय शास्त्रीय गायक थीं। जिन्होंने अपने शास्त्रीय संगीत के बल पर दशकों तक हिन्दुस्तान के संगीत प्रेमियों के दिल में अपनी जगह बनाये रखी। किशोरी अमोनकर का जन्म 10 अप्रैल 1932 को मुंबई में हुआ था। किशोरी अमोनकर को हिंदुस्तानी परंपरा के अग्रणी गायकों… Read more »

बदकिस्मती से आज भी प्रासंगिक है चंपारण सत्याग्रह

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यह हमारा दुर्भाग्य है कि चंपारण सत्याग्रह  एक शताब्दी बाद भी अपनी प्रत्येक वर्षगाँठ पर पहले से अधिक प्रासंगिक होता जा रहा है। चंपारण सत्याग्रह नील की खेती करने वाले किसानों के अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष के रूप में विख्यात है। इसके एक सदी बाद भी देश का किसान आज बदहाल है। 2010-11 के… Read more »

आखिर कब तक यूँ ही बंद होता रहेगा भारत ?

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.सी.-एसटी एक्ट में बदलाब के विरोध मंे जनता का एक वर्ग आक्रोशित हो रहा है। दलितों के सवाल पर राजनीतिक दल रोटियाँ सेकनें में जुट गये हैं। वर्ग विशेष उग्र आंदोलन कर रहा है। उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम में नया दिशा-निर्देश जारी किया है। दलितों के उत्पीड़न… Read more »

13 आंतकियों की मौत घाटी में बड़ी सफलता

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  प्रमोद भार्गव सेना और सुरक्षा बलों ने तीन मुठभेड़ों में 13 दुर्दांत आतंकियों को मार गिराने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। एक आतंकी को जिंदा भी पकड़ा है। हालांकि इन मुठभेड़ों में हमने तीन जवान भी खोए हैं। यह सफलता इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मारे गए आतंकियों में लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के हत्यारे… Read more »

भारत को समावेशी और रोजगार आधरित विकास की जरूरत है

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जावेद अनीस आर्थिक विकास के मोर्चे पर तेजी से उभरते भारत के लिये असमानता और बढ़ती बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती है। देश में स्वरोजगार के मौके घट रहे हैं  और नौकरियां लगातार कम हो रहीं हैं। श्रम ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि आज भारत दुनिया के सबसे ज्यादा बेरोजगारों का देश बन गया है,  समावेशी विकास सूचकांक में हम बासठवें… Read more »

आर्यावर्त्त के सदृश भूगोल में दूसरा कोई देश नहीं है”

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-मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक देश है जिनकी कुल संख्या 195 है। इनमें से कोई भी देश मानवता की दृष्टि, ईश्वर व आत्मा के ज्ञान सहित भारत के स्वर्णिम अतीत व वर्तमान की तुलना में महत्वपूर्ण नहीं है। महर्षि दयानन्द ने अपने विश्व प्रसिद्ध ग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश में लिखा है ‘आर्यावर्त्त देश ऐसा देश है… Read more »

गोरे रंग का सौंदर्य शास्त्र औऱ विकृत मनोविज्ञान

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डॉ अजय खेमरिया क्या हमारी चमड़ी का रंग एक अति विशिष्ट मानसिकता को जन्म देता है मोटे तौर पर तो रंग का आपके कार्यव्यवहार,वयक्तित्व, सद्गुण, से कोई रिश्ता नही होता पर लोकाचार में आपकी चमड़ी का गोरा या कम गोरा होना बड़ा महत्व रखता है हम भारतीयों के बीच तो यह एक ग्रन्थि का निर्माण… Read more »