बुलैट ट्रेन : भारतीय रेलवे को मिलेगी गति

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सुरेश हिन्दुस्थानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान के सहयोग से हवा से बातें करने वाली उच्च गति वाली बुलेट ट्रेन लाकर भारत के विकास के लिए आधारशिला की स्थापना की है। हालांकि बुलेट ट्रैन लाने के मोदी के प्रयासों की यह कहकर आलोचना भी की जाएगी कि जब वर्तमान रेल यातायात अनियंत्रित हो रहा है,… Read more »

विश्वगुरू के रूप में भारत-28

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राकेश कुमार आर्य   हर युग में और हर स्थिति-परिस्थिति में भारत के महान लोगों ने मानवतावाद को पुष्ट करने वाले चिंतन को प्रस्तुत किया और उसी के आधार पर लोगों को जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। जब तक भारत की ऐसी शिक्षा प्रणाली विश्व का मार्गदर्शन करती रही तब तक संसार में… Read more »

सरदार सरोवरः शुभारंभ 

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक सरदार सरोवर बांध का निर्माण भारत की एक एतिहासिक उपलब्धि है। नर्मदा नदी पर बांध खड़ा करने का सपना सरदार पटेल ने देखा था और जवाहरलाल नेहरु ने 1961 में इसकी नींव रखी थी। यह सौभाग्य नरेंद्र मोदी को मिला कि उन्होंने अपने जन्मदिन पर इसका उद्घाटन किया। इस बांध का लाभ… Read more »

विश्वगुरू के रूप में भारत-27

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राकेश कुमार आर्य  गुरूकुलों की परीक्षा प्रणाली हमारे यहां प्राचीनकाल में गुरूकुलों में विभिन्न परीक्षाओं की व्यवस्था की जाती थी। उन परीक्षाओं को आजकल की अंक प्रदान करने वाली परीक्षाओं की भांति आयोजित नहीं किया जाता था। उसका ढंग आज से सर्वथा विपरीत था। तब आचार्य अपने विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए कई प्रकार… Read more »

हिंदी पर राष्ट्रपति का नया संदेश

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डाॅ. वेदप्रताप वैदिक हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जो संदेश दिया है, यह मुझे ऐसा लगा, जैसे कि मैं ही बोल रहा हूं। उन्होंने राष्ट्र को वह सूत्र दे दिया है जिसे लागू कर दिया जाए तो जो बेचारी हिंदी राजभाषा बनकर हर जगह बेइज्जत हो रही है, वह सचमुच भारत… Read more »

विश्वगुरू के रूप में भारत-25

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राकेश कुमार आर्य   हमारे प्राचीन ऋषियों ने पशु-पक्षियों की अनेकों प्रेरणास्पद कहानियों का सृजन किया, और उन्हें बच्चों को बताना व पढ़ाना आरंभ किया। उसे बच्चे के मनोविज्ञान के साथ जोड़ा गया और परिणाम देखा गया कि बच्चों पर उसका आशातीत प्रभाव पड़ा। वेद और उपनिषदों की गूढ़ बातों को पशु-पक्षियों की कहानियों… Read more »

विश्वगुरू के रूप में भारत-24

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राकेश कुमार आर्य  अपनी बात को मनवाने के लिए महर्षि दयानंद ने अंग्रेज सरकार को सितंबर 1874 में एक ज्ञापन दिया था। जिसमें उन्होंने आर्ष संस्कृत शिक्षा को भारत में पुन: लागू कराने का आग्रह सरकार से किया था। ज्ञापन में लिखा था-”इससे मेरा विज्ञापन है-आर्यावर्त देश का राजा अंग्रेज बहादुर से कि संस्कृत… Read more »

पेट्रोल दामों पर सरकार की नीयत

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी देखते ही देखते मोदी सरकार में पेट्रोल के दाम 3 साल में सर्वाधिक हो गए,  इस दौरान क्रूड 45 फीसदी सस्ता रहा, किंतु भारतीय उपभोक्‍ताओं से पेट्रोल की कीमत कम होने के स्‍थान पर बढ़ोत्‍तरी के साथ ली गई। यह जो कीमतों का विरोधाभास है, जिसमें की एक ओर अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कीमते कम हो… Read more »

बिना हिंदी के हिन्दुस्तान की कल्पना नहीं की जा सकती

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14 सितंबर 2017 हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो कि हिन्दुस्तान में बोली जाती है। आज देश में जितनी भी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं उन सबकी जननी हिंदी है। और हिंदी को जन्म देने वाली भाषा का नाम संस्कृत है। जो कि आज देश में सिर्फ प्रतीकात्मक रूप… Read more »

विश्वगुरू के रूप में भारत-23

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राकेश कुमार आर्य ऐसे लोग मनुष्य मात्र के शिक्षक व प्रेरक होते हैं, और आलस्य आदि शत्रुओं से रहित होकर धारणा, ध्यान, समाधि का अनुष्ठान करने वाले, परम उत्साही, योग्य, सर्वस्व त्यागी निष्काम विद्वान महान मोक्ष को प्राप्त करते हैं। ऐसे लोग ईश्वर और मृत्यु को सदा साक्षी रखते हैं और प्रत्येक प्रकार के पापकर्म… Read more »