लेख स्वास्थ्य-योग दवा के नाम पर मौत, इलाज के नाम पर भय कब तक? May 19, 2026 / May 19, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment भारत आज विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होने पर विकसित भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत Read more » How long will there be death in the name of medicine and fear in the name of treatment दवा के नाम पर मौत
आलोचना ट्रंप की चीन यात्रा: बड़े बे आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले May 18, 2026 / May 18, 2026 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment ट्रंप और जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई एक उच्च‑स्तरीय बैठक के दौरान घटी एक असामान्य घटना ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी तरफ़ खींचा। बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अपने स्थान से उठने के बाद ट्रंप ने शी जिनपिंग के पास रखी उनकी व्यक्तिगत “डायरी” के पन्ने पलट कर चुपके से झांकने की कोशिश की। Read more » ट्रंप की चीन यात्रा
लेख सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा में संग्रहालयों की नई चुनौतियां May 18, 2026 / May 18, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment इस साल यानी कि वर्ष 2026 में इस दिवस की थीम -'विभाजित दुनिया को जोड़ते संग्रहालय।' रखी गई है।यह थीम संग्रहालयों की उस भूमिका पर केंद्रित है, जिसके माध्यम से वे समाज में संवाद, समावेश और शांति स्थापित करते हैं।बहरहाल, यदि हम यहां पर संग्रहालयों से संबंधित आंकड़ों की बात Read more » अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
लेख शख्सियत समाज नदी और पहाड़ बचाने से जल, जलवायु और भविष्य को सुरक्षित रहेंगे May 18, 2026 / May 18, 2026 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment राजेंद्र सिंह सूखी नदियों को जीवन देने वाले और रेगिस्तान में पानी का जादू बिखेरने वाले 'जल पुरुष' के रूप में विख्यात हैं। उनका स्पष्ट रुप से मानना है कि-"धरती की प्यास तभी बुझेगी और मानवता तभी बचेगी, Read more » magic of water in the desert Rajendra Singh the 'Water Man' राजेंद्र सिंह
लेख समाज कृत्रिम क्रांति के कालखंड में संस्कृति, संवेदना और सनातन ज्ञान की संगति May 18, 2026 / May 18, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment भारतीय ज्ञान परंपरा का सबसे बड़ा वैशिष्ट्य यह है कि उसने ज्ञान को कभी भी नैतिकता से अलग नहीं माना। आधुनिक तकनीकी व्यवस्था में ज्ञान का अर्थ प्रायः सूचना और नियंत्रण की क्षमता तक सीमित हो गया है, जबकि भारतीय दृष्टि में ज्ञान वह है जो मनुष्य को विवेक, संयम और लोककल्याण की ओर ले जाए। Read more » कृत्रिम क्रांति
बच्चों का पन्ना लेख अंकों की चमक में दबता बचपन और शिक्षा का असली उद्देश्य May 18, 2026 / May 18, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment आज शिक्षा का वातावरण अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो चुका है। बच्चे अब ज्ञान प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि प्रतिशत हासिल करने के लिए पढ़ रहे हैं। माता-पिता की अपेक्षाएँ, Read more » अंकों की चमक में दबता बचपन
लेख विधि-कानून न्यायालय द्वारा दोषी पक्ष को अलटरनेट लैंड देने का औचित्य May 18, 2026 / May 18, 2026 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अब भोजशाला मामले में भी कोर्ट की टिप्पणी को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, यहां हाईकोर्ट ने सीधे जमीन देने का आदेश नहीं दिया है, बल्कि कहा है कि यदि मुस्लिम पक्ष आवेदन करता है तो सरकार उस पर विचार कर सकती है। Read more » भोजशाला
लेख स्वास्थ्य-योग दवा नहीं, जहर का कारोबार: भारत की साख पर संकट May 15, 2026 / May 15, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी दवा उत्पादन शक्तियों में शामिल है। भारतीय दवाइयां अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और मध्य-पूर्व के अनेक देशों में निर्यात होती हैं। भारत को “फार्मेसी ऑफ द वल्र्ड” कहा जाता है क्योंकि सस्ती और प्रभावी दवाओं की आपूर्ति में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। Read more » जहर का कारोबार
लेख समाज नीट यू जी: सिस्टम के आगे लाचार युवाओं के सपने May 15, 2026 / May 15, 2026 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment जनमानस और छात्रों के आक्रोश के बीच सरकार ने सुधारों का भरोसा दिया, समितियाँ बनीं, नई सुरक्षा तकनीकों की घोषणाएँ भी हुईं। लेकिन 2026 में फिर वही खबरें सामने हैं,छापेमारी, सॉल्वर गैंग, गिरफ्तारियाँ और लीक हुए प्रश्नपत्र।तब सवाल उठना स्वाभाविक है किआख़िर गलती कहाँ है? Read more » NEET UG
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारतीय संविधान, भाग – 13 ख May 14, 2026 / May 14, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment वर्तमान न्याय प्रणाली के दोषों पर विचार व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने लंबित मामलों और उनमें हो रही देरी की समस्या पर कहा था कि भारत की जिला अदालतों में लगभग 26.8 करोड़ वाद लंबित हैं। यह तभी संभव हुआ है जब न्यायालय में पड़े मामलों में देरी से सुनवाई की जाती है। प्रक्रिया को लंबा खींचा जाता है। Read more » मनुस्मृति और भारत का सर्वोच्च न्यायालय मनुस्मृति और भारतीय संविधान
व्यंग्य “हम ही हैं राष्ट्र, हमसे ही है राष्ट्र” May 14, 2026 / May 14, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment प्रशिक्षण के समय हमें सिखाया गया कि “आप राष्ट्र की रीढ़ हैं।” मैंने इस वाक्य को बहुत गंभीरता से लिया। फिर मैंने सोचा कि जब पूरी व्यवस्था मेरी पीठ पर टिकी है, तो थोड़ा भार व्यवस्था को भी उठाना चाहिए—जैसे मेरा घर, मेरी गाड़ी, मेरे फार्महाउस और मेरे निवेश। Read more » “हम ही हैं राष्ट्र हमसे ही है राष्ट्र
लेख नारों से नहीं, व्यवहार से होगा गौ संरक्षण May 14, 2026 / May 14, 2026 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि गौ-संरक्षण के नाम पर जोश और नारे तो बहुत हैं लेकिन व्यवहार कम ही देखने को मिलता है। शहरों में स्थान का अभाव और अनेक तरह के नियम बाधक हैं तो दूसरी ओर गांवों में भी नई पीढ़ी शिक्षा अथवा रोजगार के लिए शहरों की ओर मुख कर रही है अतः अब गाँव में भी Read more » Cow protection will happen not through slogans but through behavior. गौ संरक्षण