साहित्य समाज का दर्पण है

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आर के रस्तोगी “साहित्य समाज का दर्पण है” वो कैसे ?जिस तरह से आप दर्पण या शीशे (Miror) में अपने आप को देखते हो या निहारते हो  तो आप उसी तरह से दिखाई देते हो जैसे आप हो| ठीक उसी तरह से साहित्य भी ऐसे देखने को मिलेगा जैसा समाज है क्योकि कोई लेखक या… Read more »

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-86

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राकेश कुमार आर्य   गीता का सत्रहवां अध्याय मनुष्य के पतन का कारण कामवासना होती है। बड़े-बड़े सन्त महात्मा और सम्राटों का आत्मिक पतन इसी कामवासना के कारण हो गया। जिसने काम को जीत लिया वह ‘जगजीत’ हो जाता है। सारा जग उसके चरणों में आ जाता है। ऐसे उदाहरण भी हमारे इतिहास में… Read more »

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-85

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राकेश कुमार आर्य   गीता का सोलहवां अध्याय काम, क्रोध और लोभ इन तीनों को गीता नरक के द्वार रहती है। आज के संसार को गीता से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि वह जिन तीन विकारों (काम, क्रोध और लोभ) में जल रहा है-इनसे शीघ्र मुक्ति पाएगा। आज के संससार में गीता से दूरी… Read more »

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-84

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राकेश कुमार आर्य   गीता का सोलहवां अध्याय श्रीकृष्णजी की यह सोच वर्तमान विश्व के लिए हजारों वर्ष पूर्व की गयी उनकी भविष्यवाणी कही जा सकती है जो कि आज अक्षरश: चरितार्थ हो रही है। स्वार्थपूर्ण मनोवृत्ति के लोगों ने जगत के शत्रु बनकर इसके सारे सम्बन्धों को ही विनाशकारी और विषयुक्त बना दिया… Read more »

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-83

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राकेश कुमार आर्य   गीता का सोलहवां अध्याय माना कि अर्जुन तू और तेरे अन्य चार भाई दुर्योधन और उसके भाइयों के रक्त के प्यासे नहीं हो, पर तुम्हारा यह कत्र्तव्य है कि संसार में ‘दैवीय सम्पद’ लोगों की सुरक्षा की जाए और ‘आसुरी सम्पद’ लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उनके… Read more »

नायक से खलनायक बने है सलमान

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ज्योही कोर्ट ने दिया अपना फरमान नायक से खलनायक बने है सलमान पांच साल की सजा मिली है उसको अब कैसे काटेगे उसको श्री सलमान आज की रात वे जेल में बितायेंगे कैसे एक कम्बल में वे सो पायेंगे पर मिला साथी आसाराम उनको उसके साथ वे अपनी रात बितायेंगे बीस साल में देश बदल… Read more »

न मै बीजेपी का प्रवक्ता 

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न मै बीजेपी का प्रवक्ता न मै कांग्रेस का प्रवक्ता मै तो बिलकुल निष्पक्ष हूँ सही बात को हमेशा लिखता न मै सत्ता का भूखा न मै कुर्सी का भूखा मै तो केवल एक कवि हूँ जो केवल तालियों का भूखा जो मेरे मस्तिष्क में आता उसे सच्चाई से मै कहता कलम मेरी बनी है… Read more »

माया अखिलेश का सत्ता के लिए मिलन

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आर के रस्तोगी जो कभी दुश्मन थे,आज सत्ता के लिए मिलन हो रहा आज अखिलेश माया का चुनाव के लिए मिलन हो रहा क्या ये दोनों का मिलन भविष्य में,क्या कोई गुल खिलायेगा ? सन २०१९ का आने वाला चुनाव क्या इनको सत्ता दिलायेगा ? जो कभी परछाई के दुश्मन थे,आज एक दूजे के गले… Read more »

सत्तर साल का आरक्षण हो गया,कब तक इसे गोद खिलाओगे ? 

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आर के रस्तोगी  आरक्षण को अब बंद करो,कब तक इसे और आगे बढाओगे ? सत्तर साल का आरक्षण हो गया,कब तक इसे गोद खिलाओगे ? जाति का आधार है ये क्यों,गरीबी का आधार क्यों नहीं ? सवर्ण जाति जो गरीब है,उसको आरक्षण मिलता क्यों नहीं ? प्रतिभाओं का हनन हो रहा,सरकार उसकी जिम्मेदार क्यों नहीं… Read more »

मार्किट ददाति मोटिवेशन

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अमित शर्मा (CA) इस मीन (स्वार्थी) दुनिया में विटामिन की बहुत कमी पाई जाती है जिसके कारण बहुत सी बीमारियां बिना किसी क्लिक और एंटर के स्वतः ही डाऊनलोड हो जाती है।  विटामिन सी औऱ विटामिन डी के अलावा विटामिन एम अर्थात मोटिवेशन की कमी भी पिछले काफ़ी समय से सामाजिकता के रैंप पर कैटवॉक… Read more »