कैसे अटल जी,तुमको हम विदा करे

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दिल में है गम,आँखों में है आँसू भरे कैसे अटल जी,तुमको हम विदा करे तुम एक महान कवि और वक्ता भी थे तुम्हारे भाषणों को सब ध्यान से सुनते थे वो आवाज कहाँ लुप्त हो गई,कहाँ खो गई चौरानवे वर्ष की हो गई थी वह कहाँ सो गई तुम्हारे शब्दों से सारी संसद भी गूंजती… Read more »

एक गजल मोहब्बत पर

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तुम सामने आ जाओ,मेरे सोये जज्बात जग जाये मेरी मोहब्बत के सफर में एक नया रंग आ जाये करता हूँ की इसलिए हर वक्त मैं तू जन्नत से उतर कर मेरे साथ संग आ जाये छोड़ दू मैखाना मैं जाना ता उमर जिन्दगी अगर तू मेरे नशे का एक अंग बन  जाये पैदा करे मिसाल मोहब्बत… Read more »

मैं 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस हूँ

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मैं पन्द्रह अगस्त स्वतंत्रता दिवसहूँ दिल्ली के लाल किले से बोल रहा हूँ कहने को मैं स्वतन्त्र हो गया हूँ पर भुखमरी और भ्रष्टाचार से जकड़ा हुआ हूँ जन जन और कण कण को  पकड़ा हुआ हूँ यहाँ दिन रात महिलाओ का बलात्कार होता है जिसको देख कर मैं सुबक सुबक कर रोता हूँ मै… Read more »

किन किन चीजो से आजाद होना है भारत

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कहते है 15 अगस्त को अंग्रेजो से मुक्त हुआ था भारत पर करना है अभी बाकी है,गरीबी से मुक्त हो भारत आधे से अधिक जनता,सो जाती है एक बख्त खाकर ऐसे उपाय करे हम,जो भुखमरी  से मुक्त हो भारत कण कण में फैला है भ्रष्टचार,बन गई है एक कहावत कड़े क़ानून बनाने है,जो भ्रष्टाचार से… Read more »

स्वतंत्रता दिवस पर एक नारी की पीड़ा

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71 वर्ष हो गये आजादी के,पर मैं अभी आजाद नहीं दर दर ठोकरे खाती हूँ,पर कही मैं अभी आबाद नहीं बचपन में पिता,जवानी में पति,बुढापे में पुत्र के आधीन रही कैसा बीता मेरा ये जीवन, क्या किसी को यहाँ मालूम नहीं बाहर निकल कर नहीं सुरक्षित,घर में भी मैं सुरक्षित नहीं  कैसे है मेरा असुरक्षित… Read more »

कांवड़ यात्रा पर विवाद से दुखी है खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा

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तारकेश कुमार ओझा सावन की पुकार…!! —————- बुलाते हैं धतुरे के वो फूल धागों की डोर बाबा धाम को जाने वाले रास्ते गंगा तट पर कांवरियों का कोलाहल बोल – बम का उद्गघोष मदद को बढ़ने वाले स्वयंसेवियों के हाथ कांवर की घंटी व घुंघरू शिविरों में मिलने वाली शिकंजी उपचार के बाद ताजगी देती… Read more »

संस्मरण— झलकियों में

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गंगानन्द झा तब हम पाँच-छः साल के रहे होंगे। पिता के साथ मैं दुमका गया था।. दिन के भोजन के समय मैंने उससे पूछा कि वह किस क्लास में पढ़ता है। उसने कहा, — “बच्चा क्लास”. मैंने कहा—“बच्चा क्लास, कच्चा रोटी” इण्टर में दाखिला लेने के बाद बोर्ड पर से रूटिन लिखते समय बायलॉजी का… Read more »

तीन तलाक

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  तीन तलाक़ का दौर खत्म हुआ,मिली है राहत मुस्लिम महिलाओं  को गुलामियत का दौर ख़त्म हुआ,अब मिली है आजादी इन महिलाओं को ये जीत हार का सवाल नहीं,ये सवाल  है मुस्लिम महिलाओ के अधिकारों का जो सदियो से थी गुलाम अपने शोहर की,मांग कर रही थी अपने अधिकारों का मुल्ला मोलवियो का अब दख्ल… Read more »

करुणा निधि करुणा के सागर थे

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करुणा निधि करुणा के सागर थे,जनता के अनोखे चहेते थे राजनीती के प्रकांड पंडित थे,हर बार एम एल ए बन जाते थे दक्षिण भारत में उनका बोलबाला था, पार्टी के वे सर्वा सर्वे थे वह नास्तिक होते हुये भी,झूठे आडम्बरो में खिलापत करते थे अस्त हो गया दक्षिण भारत का तारा,जो 3 जून १९२४ में… Read more »

पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

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आर के रस्तोगी  पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये कू कू करे कोयल,मन को न भाये मन मोरा नाचे,ये किसको बुलाये जिसकी थी प्रतीक्षा,वो नहीं आये घिर घिर बदरवा,तन को तडफाये काली काली घटा,ये मुझको डराये पिया गये प्रदेश,वापिस नहीं आये क्या करू मैं,मुझे कोई तो समझाये  यमुना तट मेरा कृष्ण बंशी बजाये सखिया सब आई,राधा… Read more »