– विजेताओं को मिले उपहार, ठंड से राहत के लिए गर्म कपड़े, हजारों लोगों ने ग्रहण की भोजन प्रसादी
नीमच/दुलाखेड़ा। अधिकारों की बात तो दुनिया करती है, लेकिन अधिकारों के साथ संवेदनाओं को जोड़ने का काम विरले ही कर पाते हैं। बुधवार को विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन (आईएचआरएसओ) ने रामपुरा नवजीवन निशक्त जन कल्याण समिति, नीमच द्वारा संचालित ‘निराश्रित सेवाश्रम’ (ग्राम दुलाखेड़ा) के पवित्र प्रांगण में सेवा का एक ऐसा ही महाकुंभ सजाया। यहाँ न केवल दिव्यांग प्रतिभाओं का सम्मान हुआ, बल्कि कड़ाके की ठंड में उन्हें गर्म कपड़े देकर संगठन ने यह संदेश दिया कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
दीप प्रज्वलन और ओजस्वी उद्बोधन समारोह का भव्य आगाज़ माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि जिला परियोजना समन्वय अधिकारी (डीपीसी) दिलीप जी व्यास, आईएचआरएसओ मंदसौर के जिला संयोजक सुरेश जी जोशी और सरपंच प्रतिनिधि रामा जी गुर्जर ने कार्यक्रम की नींव रखी।
अपने सारगर्भित उद्बोधन में दिलीप जी व्यास ने कहा,
“प्रतिभा किसी शरीर की मोहताज नहीं होती। आज इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि अगर समाज का साथ मिले, तो ये किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। निराश्रित सेवाश्रम और आईएचआरएसओ का यह संयुक्त प्रयास समाज की मुख्यधारा में इन बच्चों को लाने का एक सशक्त माध्यम है।”
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का समागम कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए विशिष्ट अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार उपस्थित रहे। उन्होंने संगठन की पीठ थपथपाते हुए कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है। मानवाधिकार दिवस पर इससे बेहतर आयोजन नहीं हो सकता।”
इस दौरान मंच पर मौजूद अतिथि ज्योति रमेश चंद्र जी मूंदड़ा, वरिष्ठ समाज सेविका ऊषा जी मूंदड़ा और बलदेव जी ने भी अपने विचारों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
खेल मैदान में दिखा
अदम्य साहस भाषणों के बाद जब प्रतियोगिता का बिगुल बजा, तो नजारा देखने लायक था। ‘चेयर रेस’ और दौड़ में जब दिव्यांग बच्चों ने अपना दमखम दिखाया, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी जिजीविषा देख हर आंख नम और हर दिल गर्व से भर गया।
न्यायिक अधिकारियों के हाथों मिला ‘विजयी सम्मान’
कार्यक्रम के समापन सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शोभना मीणा और डीएलओ प्रवीण पूनिया ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा कि “ये ट्रॉफी सिर्फ इनाम नहीं, बल्कि इनके संघर्षों की जीत है।”
सेवा परमोधर्म –
गर्म कपड़े और भोजन संगठन ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए मानवीय संवेदना का परिचय दिया। कार्यक्रम में आए सभी दिव्यांग प्रतिभागियों को ब्रांडेड इनरवियर (गर्म कपड़े) वितरित किए गए। साथ ही, कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों और आमजनों के लिए चाय-नाश्ते और सुरुचिपूर्ण भोजन की व्यवस्था की गई थी।
ये रहे विजेता (जिन्होंने बढ़ाया मान): प्रतियोगिताओं में कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
* चेयर रेस (18 से कम): मीत (प्रथम), शानू (द्वितीय), मोइनुद्दीन (तृतीय)।
* चेयर रेस (18+): मांगी खान (प्रथम), आरती (द्वितीय), राजेश (तृतीय)।
* रनिंग (MR वर्ग): मोइनुद्दीन (प्रथम), गीतेश (द्वितीय), राजेश (तृतीय)।
* रनिंग (अस्थि बाधित): हीराम (प्रथम), शानू (द्वितीय), मुस्कान (तृतीय)।
* रनिंग (18+): राजेश (प्रथम), मांगी खान (द्वितीय), फिरोज (तृतीय)।
इनकी रही सक्रिय भूमिका इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में आईएचआरएसओ की पूरी टीम ने दिन-रात एक कर दिया। संगठन की जिलाध्यक्ष पिंकी ठाकुर, माणक मोदी, आकाश शर्मा, जीनत बी, रेनू गोस्वामी, ज़ुबेद जी, तस्लीम जी, अनिता जी, राधा जी शुक्ला, धर्मपाल ग्रोवर जी, गोपाल जी गहलोद, रवि जी पुरोहित, सुरेश जी मालवीय, कैलाश जी बाबू शर्मा, अभिषेक जी गोस्वामी, अहसान जी और पार्वती मोदी सहित सभी पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।
उपरोक्त जानकारी आकाश शर्मा जिला उपाध्यक्ष, अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन (आईएचआरएसओ), नीमच ने दी।