अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, पुणे में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान पुणे के संयुक्त तत्वावधान में ‘मातृभाषा में शिक्षा और भाषा प्रौद्योगिकी’ इस विषय पर संगोष्ठी अपराह्न में आयोजित की गई। विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना के पश्चात संगोष्ठी की प्रस्तावना एवं अतिथि परिचय संस्थान के कर्मचारी श्री आनंद ने किया । मुख्य अतिथि सुश्री शोभाताई पैठणकर ने मातृभाषा में सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए न्यास के उपक्रमों की जानकारी दी। साथ न्यास से जोड़ने का अनुरोध किया । विशिष्ट अतिथि प्रो. गीता नायक ने सांस्कृतिक विविधता के संवर्धन के लिए मातृभाषाओं की आवश्यकता पर बल दिया । मुख्य वक्ता डॉ. एम .एल.गुप्ता आदित्य ने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व और उससे जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी में मातृभाषा के उपयोग का आग्रह किया। वक्तव्य के अंत में
डॉ. गुप्ता ने भारत और इंडिया नाम की ऐतिहासिकता के बारे में बताते हुए सभी भाषाओं में देश का नाम भारत प्रयोग करने का आह्वान किया।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के कुलसचिव डॉ नागेंद्र कुशवाहा ने की। इस संगोष्ठी के सभी महानुभावों का आभार ज्ञापन डॉ चंद्रकांत गुलेद ने किया। इस कार्यक्रम में 300 से छात्र एवं अध्यापकों ने प्रतिभागिता की।