सीहोर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित स्वायत्तशासी संस्था ‘माय भारत’ सीहोर द्वारा युवाओं के व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास के उद्देश्य से जिले के प्रधान डाकघर में एक सप्ताह के अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ईएलपी) का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया है। उपनिदेशक निक्की राठौर के कुशल निर्देशन में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जुलाई से 7 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर एक विशेष अभिमुखीकरण सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की शुरुआत में पोस्ट मास्टर आनंद अग्रवाल ने सभी सहभागी युवाओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और डाक विभाग की संपूर्ण प्रशासनिक संरचना व दैनिक कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात्, डाकघर के वित्त प्रमुख द्वारा वित्तीय प्रबंधन और डाकघर की बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण एवं बारीक़ जानकारियाँ युवाओं के साथ साझा की गईं। इन ज्ञानवर्धक सत्रों में युवाओं ने पूरी सक्रियता दिखाई। डाक विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने युवाओं के मन में उठ रहे जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तर पूरी सहजता और सरलता से दिए, जिससे उन्हें विभाग के कामकाज को गहराई से समझने में मदद मिली।
युवाओं ने पेश की सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल
इस प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वास्तविक अनुभव तब प्राप्त हुआ, जब उन्होंने डाकघर में आए अशिक्षित और बुजुर्ग उपभोक्ताओं की सहायता की। युवाओं ने आगे बढ़कर उनके फॉर्म भरने और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया में मदद कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन परिचय दिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले युवाओं में मुख्य रूप से हिताय के संस्थापक उमेश पंसारी, उन्नति श्रीवास्तव, प्रकाश, रोहित, मानसी मालवीया, मानसी बघेल और टीशा चौकसे आदि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम के आगामी दिवसों में डाक विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न जन-कल्याणकारी और निवेश योजनाओं के संबंध में युवाओं को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना है ताकि वे प्राप्त ज्ञान का उपयोग समाज को जागरूक करने में कर सकें।