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सुप्रसिद्ध साहित्यकार पद्मभूषण महापंडित राहुल सांकृत्यायन को उनकी 134 वी

सुप्रसिद्ध साहित्यकार पद्मभूषण महापंडित राहुल सांकृत्यायन को उनकी 134 वी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए, यात्रा सा मित्र के भीष्म पितामह थे राहुल सांकृत्यायन:  शिक्षाविद् दयानंद वत्स भारतीय 

 अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ नई दिल्ली के राष्ट्रीय महामंत्री शिक्षाविद् दयानंद वत्स भारतीय ने आज संघ के मुख्यालय बरवाला में सुप्रसिद्ध साहित्यकार पद्मभूषण, बहुभाषाविद्  महापंडित राहुल सांकृत्यायन को उनकी 134 वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की और से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। वत्स ने कहा कि  पंडित राहुल सांकृत्यायन यात्रा साहित्य के भीष्म पितामह कहलाते हैं। उन्होंने साहित्य की सभी विधाओं को आप्लावित किया है। वोल्गा से गंगा , मेरी जीवन यात्रा उनकी चर्चित कृति है। उन्हें घुम्मकड़ जीवन जीने वाला महान भारतीय यात्रा वृत्तांत लेखक कहकर भी सम्मान दिया जाता है। उन्होंने अनेकों भाषाओं में अपने विश्व भ्रमण के अनुभवों को साझा किया है। बौद्ध धर्म पर उनके शोध को युगान्तर कारी माना गया है। राहुल सांकृत्यायन को उनके साहित्य योगदान के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से अलंकृत किया गया। वत्स ने कहा कि राहुल सांकृत्यायन भारत के अकेले ऐसे साहित्यकार थे जिनकी दृष्टि भारतीय एवं वैदेशिक सभ्यताओं की खोज से दुनिया को परिचित कराना था।