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आत्ममुग्ध नाकारा नगरपालिका – डॉ.पृथ्वीसिंह वर्मा

2 अक्टूबर 2014 गांधी जयन्ती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की थी। यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में साफ सफाइ के प्रति जागरूकता लाने के लिये एक जन आन्दोलन के रूप में किया गया था। इसका प्रचार प्रसार करने के लिये प्रधानमंत्री से लगाकर नगरपालिका के पार्शद तक के जनप्रतिनिधियों ने स्वयं सडकों पर झाडू लगाकर कचरा बीनकर जनता को जागरूक करने के लिये किया था। इसके नतीजे भी देखने को मिले। जनता में स्वच्छता के प्रत जागरूकता भी बढी, अब आम जनता पहले की तरह सडकों पर कचरा नहीं फेंकती। कुछ एबले किस्म के लोग इसके अपवाद हो सकते हैं जो अब भी सडकों पर कचरा फेंकते हैं।
उक्त आशय का बयान जारी करते हुए योजना समिति के पूर्व सदस्य डॉ.पृथ्वीसिंह वर्मा ने कहा कि जनता में तो जागरूकता आई, स्वच्छता अब लोगों की आदत बन चुकी है, मगर नगरपालिका नीमच में जागरूकता नहीं आई। बगीचे, नालियों और नालों जैसे अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई करने का दायित्व नगरपालिका का है परन्तु नीमच नगरपालिका इसमें पूरी तरह नाकाम रही है।
डॉ.वर्मा ने कहा कि सभी जानते हैं कि नीमच के दोनों छोर पर बहने वाले नालों में किसी समय साफ पानी बहा करता था। नीमच के अन्य नागरिकों की तरह विधायकजी भी बचपन में इन नालों के स्वच्छ पानी में नहाये होंगे।
इन नालों की सफाई और इनमें नावें चलाने की बात पिछले कई नगरपालिका अध्यक्ष करते आए हैं। केवल रघुराजसिंह चौरडिया ने संजीवनी नाले की सफाई कर वहां फव्वारा लगाकर इसका प्रयास किया था परन्तु पर्याप्त बजट व विपक्षी पार्शदों का सहयोग न मिल पाने के कारण सम्पूर्ण नाले की सफाई नहीं हो सकी और रघुराजसिंह चौरडिया का केनाल प्रोजेक्ट अधूरा रह गया। उनके बाद किसी भी नगरपालिका अध्यक्ष ने इसे आगे बढाने का कोई प्रयास नहीं किया। वर्तमान नगरपालिका जो भ्रश्टाचार और जमीनों के मामले में पूरी तरह बदनाम हो चुकी है, उसने तो इसे बद से बदतर हालत में पहुंचा दिया।
डॉ.वर्मा ने कहा कि दोनों नालों की सफाइ के बारे में स्थानीय व प्रादेशिक अखबारों में सतत लिखा जा रहा है। नीमच नगरपालिका के नाकारापन से तंग आकर नीमच के संवेदनशील विधायक कई बार नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में वे भी कलेक्टर, एसपी और नगरपालिका अध्यक्ष के साथ इस अभियान में पन्नी बीनते नजर आए थे। शायद उनके दो ड्रीम प्रोजेक्ट को पलीता लगाती नगरपालिका अध्यक्ष को कुछ ग्लानि हो और वे इस कार्य को तो ईमानदारी से करें। मगर नगरपालिका अध्यक्ष आत्ममुग्ध होकर अपनी प्रशंसा स्वयं ही करती रहती हैं।  मजा तो तब है जब आपके काम की सराहना शहर के नागरिक करें।
डॉ.पृथ्वीसिह वर्मा ने कहा कि म.प्र.सरकार ने मध्यप्रदेश में 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जो 30 जून तक चलेगा। नीमच में इस अभियान की औपचारिकता के लिये नीमच के विधायक जिला कलेक्टर, एसपी और नगरपालिका अध्यक्ष, भाजपा के कई कार्यकर्ता, नीमच की स्वयंसेवी संस्थाएं जो सतत इस दिशा में कार्य कर रही है, सम्मिलित हुए थे। उसी दिन ही यह आशंका व्यक्त की गई थी कि यह अभियान केवल औपचारिक बनकर नहीं रह जाए, धरातल पर भी परिणाम नजर आने चाहिए। ढाक के तीन पात…. नीमच नगरपालिका ने इस कार्य को जरा भी आगे बढाने का कोई प्रयास नहीं किया। शहर की नालियां यूं ही सड रही हैं और उसका बदबूदार गंदा पानी यथावत इन नालों में मिल रहा है। जल गंगा अभियान, जल गंदा अभियान होकर रह गया है।