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आसुरी शक्तियों पर दैवीय शक्तियों की विजय का प्रतीक है पश्चिम बंगाल चुनाव,  बंगाल के  हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान रंग लाया, भयमुक्त वातावरण में वोट डालने से 

हुआ लोकतंत्र मजबूत, जनादेश का सम्मान करें सभी राजनीतिक दल: शिक्षाविद् डॉ.दयानंद वत्स भारतीय 

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रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवले दिल्ली प्रदेश के पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से पूर्व लोकसभा सांसद प्रत्याशी रहे शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने पश्चिमी बंगाल में भाजपा की हुई प्रचंड जीत को आसुरी शक्तियों पर दैवीय शक्तियों की विजय का प्रतीक बताया है। वत्स ने कहा कि टीएमसी के 15 सालों के कार्यकाल में हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्याएं हुईं। पूरे बंगाल में भर का वातावरण निर्मित किया गया। एक समुदाय विशेष के लोगों ने जो गुंडागर्दी बंगाल में चलाई उससे लोग भयाक्रांत थे। बंगाल में लाखों बांग्लादेशी घुसपैठियों आ बसे। जिससे चुनाव आयोग ने पूरी निष्पक्षता से एस. आई. आर कराकर उन लाखों फर्जी मतदाताओं को निकाल बाहर किया। उसके बाद डर और भय से त्रस्त मतदाताओं के वोट देने के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरे बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती ने बंगाल के मतदाताओं को मतदान केंद्र तक जाकर भयमुक्त मतदान के लिए प्रेरित किया। वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ जिससे सनातनी वोटर्स ने अपनी ताकत दिखा दी। गुंडे, बदमाश, अराजक तत्वों ने केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद जमकर उत्पात मचाया और चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का जमकर विरोध किया। वत्स ने कहा कि पश्चिम बंगाल सीमावर्ती राज्य है और वहां से बांग्लादेशी घुसपैठियों की आवाजाही राष्ट्रहित में नहीं है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की जी तोड मेहनत और हजारों कार्यकर्ताओं के बलिदान से मिली जीत है। वत्स ने चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि भारी राजनीतिक विरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने पूरी निष्पक्षता से पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरलम में चुनाव कराए। जिससे तीन राज्यों में भाजपा और केरलम में 

कांग्रेस और तमिलनाडु में फिल्म अभिनेता विजय की पार्टी विजयी हुई है। यह सब चुनाव आयोग की निष्पक्षता से ही संभव हुआ है।

वत्स ने तीन राज्यों में भाजपा की जीत के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह , भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन, भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं और तीनों प्औरदेशों के जागरूक मतदाताओं, और केरलम की बंपर जीत के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा को जो केरलम से ही सांसद हैं और राहुल गांधी भी केरलम से सांसद रह चुके हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा तमिलनाडु के सुपर स्टार श्री विजय को अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अगर चुनाव निष्पक्ष नहीं होते तो केरलम और तमिलनाडु में भी भाजपा ही जीतती। वत्स ने कहा कि इन चुनावों में अगर तीन राज्यों में भाजपा की जीत हुई है तो दो राज्यों में हार भी हुई है। भाजपा जीत का जश्न और हार पर चिंतन कर रही है। जो लोग हार को स्वीकार नहीं कर रहे हैं वे अपने प्रदेश की जनता का अनादर कर रहे हैं। हार जीत चुनाव की परंपरा है। इसे सहजता से लें और जनादेश का सम्मान करते हुए आत्मचिंतन करें।