एसपी पूर्वी सुरेंद्र दास पांच दिन जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई

नई दिल्लीः डियर रवीना, आईएम नॉट लॉयर… जो रिकॉर्डिंग किया था वह आपकी मां को ही भेजने के लिए किया था, फिर बाद में लगा कि नहीं भेजना चाहिए। कुछ हाइड (छिपाना) होता तो मोबाइल ऐसे कभी नहीं छोड़ता। मैं साइलेंट… (चुप) इसलिए था क्यों कि मुझे सुसाइडल थॉट्स (आत्महत्या के विचार) आ रहे थे। आई रियली लव यू। तुम फॉलोवर विजय व चंद्रभान से पूछ सकती हो। मैंने उनसे सल्फास चूहे मारने के नाम पर लाने के लिए बोला। कुछ दिन पहले ब्लेड लाने के लिए भी बोला था। आई एम नॉट प्लानिंग अगेंस्ट यू (तुम्हारे खिलाफ कोई योजना नहीं बनाई)। आई डिड गूगल सर्च टू, नाऊ कमिट सुसाइड। जिस…से भी पूछ सकती हो। उसे भी मेरी इस प्लानिंग (सुसाइड) को लेकर संदेह था। आई लव यू, सॉरी फॉर एवरीथिंग…सुरेंद्र।

एसपी पूर्वी सुरेंद्र दास ने 5 सितंबर को तड़के यह सुसाइड नोट लिखने के बाद सल्फास खा लिया था। पांच दिन जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई। इस सुसाइड नोट से एक बात तो साफ झलक रही है कि पत्नी की हरकतें कुछ ऐसी थीं जिसे वह उनकी मां को बताना चाहते थे। उसकी रिकॉर्डिंग भी की लेकिन भेजा नहीं और यह बात डॉ. रवीना को पता चल गई जिसके बाद रवीना ने बखेड़ा खड़ा कर दिया। उन्होंने लिखा कि मैं चुप था… इसका मतलब रवीना ने जमकर हंगामा मचाया और लड़ाई-झगड़ा किया इसके बाद भी वह रिश्तों को बचाने के लिए चुप रहे। पूरे सुसाइड नोट से एक बात तो साफ है कि वह अपने दाम्पत्य जीवन को बचाने और पत्नी को खुद पर भरोसा दिलाने के लिए हर कोशिश में जुटे थे। खुद को सही साबित करने के लिए सुरेंद्र दास के मन में आत्महत्या जैसा विचार घर करता जा रहा था। हरसंभव प्रयास के बाद भी दाम्पत्य जीवन में सुधार नहीं हुआ तो भीतर से वह टूट गए और जहर खाकर जान दे दी। जहर खाने वाली रात भी झगड़ा हुआ था।

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