झारखंड के हाई कोर्ट में वारंट के 15 साल बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी

नई दिल्लीः झारखंड हाई कोर्ट ने एक मामले में राज्य के गृह सचिव, डीजीपी, जोनल आईजी, डीआईजी, लातेहार के एसपी, बरवाडीह के थाना प्रभारी और मामले के जांच अधिकारी को कोर्ट में हाजिर होने का अदेश दिया है। वारंट जारी होने के 15 साल बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर मंगलवार को कोर्ट ने अधिकारियों को हाजिर होने का अदेश दिया था।

स्थायी वारंट जारी होने के 15 साल बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति केपी देव की अदालत ने इसे पुलिस की लापरवाही माना और राज्य के गृह सचिव, डीजीपी, जोनल आईजी, डीआईजी, लातेहार के एसपी, बरवाडीह के थाना प्रभारी और इस मामले के जांच अधिकारी को 14 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि इस मामले से पता चलता है कि पुलिस की कार्यशैली कितनी सुस्त है। स्थायी वारंट जारी होने के 15 साल तक आरोपी फरार है और पुलिस वारंट कोई कारवाई नहीं कर पा रही है। पुलिस विभाग को अपने अधिकारियों की इस करतूत से अवगत होना जरूरी है।

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