प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग को लोकसभा चुनाव बाद भारत आने का न्योता दिया

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को देश में 2019 के आम चुनाव के बाद भारत आने का न्योता दिया है। मोदी वुहान की तर्ज पर अनौपचारिक मुलाकातों का सिलसिला जारी रखना चाहते हैं। जिनपिंग ने सैद्धांतिक रूप से उनका न्योता स्वीकार कर लिया है।

सूत्रों ने कहा कि मोदी और जिनपिंग जब अर्जेंटीना में मिले थे तब दोनों नेता पहले से ज्यादा सहज और एक-दूसरे पर भरोसे की मुद्रा में नजर आ रहे थे। दोनों नेताओं ने सामरिक, रणनीतिक मुद्दों के अलावा परस्पर सहयोग के लिहाज से अहम व्यापार संबंधी जटिल मुद्दों पर चर्चा की और आगे बढ़ने पर राजी हुए। सूत्रों ने कहा कि मोदी-जिनपिंग के बीच बनी केमिस्ट्री का असर नजर आ रहा है।

वुहान के बाद हालात बदले
सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच वुहान के बाद काफी चीजें बदली हैं। सीमा के मुद्दे पर दो-तीन दौर की उच्चस्तरीय बातचीत हुई है। डोकाला की छाया से निकलकर अहम रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हो रही है। व्यापार घाटे की भरपाई को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है। आतंकरोधी साझा अभ्यास हुए हैं।

सूत्रों ने कहा, दोनों नेताओं ने इस बात पर रजामंदी जाहिर की है कि 2019 को वर्ष 2018 से बेहतर बनाने की जरूरत है। चीन के विदेश मंत्री इस महीने के तीसरे हफ्ते भारत यात्रा पर आ सकते हैं। इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता हे। सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं लेकिन दोनों देश चिंता वाले क्षेत्रों को छोड़कर सहमति के बिंदुओं पर आगे बढ़ने को तैयार हैं।

व्यापार घाटे पर अहम प्रगति
सूत्रों ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति से पिछली कुछ मुलाकातों के परिणामस्वरूप बीजिंग ने व्यापार घाटे को लेकर नई दिल्ली की चिंताओं को स्वीकार करना शुरू किया है। दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों की मजबूती को लेकर सहमति बनी है।

चीन 50 अरब के व्यापार घाटे के प्रति भारत की चिंताओं को देखते हुए कुछ अहम कदम उठाने को तैयार हुआ है। चावल, चीनी और फार्मा के क्षेत्र में चीन आयात के लिए तैयार हुआ है। इस संबंध में शुरुआत की जा रही है। निर्यात करने के लिए कंपनियों को पंजीकरण कराना होगा। उत्पाद की जांच के बाद करार पर दस्तखत होंगे। सूत्रों ने कहा कि ये कदम इतने पर्याप्त नहीं है कि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे की खाई को पूरी तरह से पाटा जा सके। लेकिन इतना जरूर है कि एक सही दिशा में शुरुआत हो रही है।

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