भारतीय महिलाओं को सही मायने में आत्मनिर्भर बनाने में कर रही है मदद

नई दिल्ली :  हमारे समाज के लगभग सभी क्षेत्रों में अपनी कुशलता की चमक बिखेरने के बावजूद यहां ऐसा क्या है, जिससे भारतीय महिलाओं को अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है ? ऐसी स्थिति तब है जबकि वह आष्चर्यजनक तरीके से मैराथन में अपनी अग्रणी पेशेवर कुशलता से पुरुषों को कड़ी टक्कर दे रही हैं, घरेलू मामलों में भी वह अहम हितधारक की भूमिका है और उसका निर्वहन भी बहुत ही अच्छे तरह से कर रही हैं! भारतीय महिला को आज के समय में घर के काम में जैसा कि वह चाहती हैं, में मदद के लिए ऐसे उपयुक्त सहायक तलाशने के लिए मूक संघर्ष करना पड़ता है।एक महिला होने के नाते लिकेज पाइप, खुले तारों और उपकरणों के काम नहीं करने जैसी समस्याओं के साथ घर चलाना काफी मुश्किल हो सकता है। क्या आपने कभी अपने घर के आसपास सर्विसमैन को तलाशने की कोशिश की है और यह महसूस किया है कि उसे पाना कितना कठिन है? और जब कभी आपको वह मिल भी जाता है तब आपने महसूस किया है कि वह पेशेवर नहीं है, अपनी सुविधा और मर्जी के मुताबिक आता है और सबसे बढ़कर यह कि छोटे से छोटे काम के लिए भी बड़ी रकम वसूल लेता है? फिर चाहे लटकती लाइट को ठीक करना हो या दरवाजों की मरम्मत करना हो या फिर घरों को चूहों एवं कीटों को दूर करना हो, इन सभी कामों के लिए हमारे घरों के आसपास भरोसेमंद सेवा मिलना लगभग असंभव है।इन समस्याओं और विशेशतौर पर आपकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमपिातण्पद भारत में गुणवत्तापुर्ण होम सर्विस मुहैया करा रहा है। बिजली, प्लंबिंग, बढ़ई, पेस्ट मैनेजमेंट और होम ड्राई क्लीनिंग जैसी सेवाएं देने वाली कंपनी ने दिल्ली एनसीआर से अपना परिचालन शुरू किया था और फिलहाल पुणे में भी सेवाएं दे रही है। जनवरी 2016 में तीन दोस्तों द्वाराशुरू की गई इमपिातण्पद ने अब तक 15,000 से ज्यादा घरों में सेवाएं दे चुकी है और उनके 70 प्रतिशत से ज्यादा ग्राहक महिलाएं हैं और उनमें से सभी ग्राहक बार-बार सेवा ले रहे हैं।

इतने पिछड़े तबके के सर्विसमैन को नियुक्त करती है और उन्हें बेफ्रिक ब्रदर के तौर पर तय आय वाले रोजगार मुहैया कर सम्मानजनक जीवन जीने में मदद कर रही है। कंपनी अपने सर्विसमैन को तकनीकी ज्ञान के अलावा बोलचाल और व्यवहार का भी प्रषिक्षण देती है, ताकि सर्वश्रेष्ठ ग्राहक सेवा मुहैया कराना सुनिश्चित हो सके।

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