भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के पांचों आरोपी 17 सितंबर तक रहेंगे नजरबंद

नई दिल्लीः भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर नक्सलियों की ओर सहानुभूति रखने वालों की गिरफ्तारी 17 सितंबर तक जारी रहेगी। रोमिला थापर और देवकी जैन, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे और माया दारुवाला ने 28 अगस्त को पांच राज्यों में छापे के बाद पुणे पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को चुनौती दी थी।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम खानविलकर और जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ को सूचित किया गया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को बहस करनी थी परंतु वह एक अन्य के चलते उपलब्ध नहीं है।पीठ ने इसके बाद पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य की याचिका पर सुनवाई 17 सितंबर के लिये स्थगित कर दी।इससे पहले, सिंघवी पीठ के समक्ष पेश हुये और उन्होंने थापर की याचिका पर दोपहर 12 बजे के बाद सुनवाई करने का अनुरोध किया क्योंकि वह एक अन्य मामले में पेश हो रहे थे।

%d bloggers like this: