मिजोरम: भारी विरोेध के बाद चुनाव से ठीक पहले हटाए गए मुख्य निर्वाचन अधिकारी शशांक

नई दिल्लीः चुनाव से ठीक पहले भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गुरुवार को मिजोरम के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी शशांक को हटा दिया गया है। आशीष कुन्द्रा अब राज्य के नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (चीफ इलेक्ट्रल ऑफिसर) होंगे।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की शिकायत पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) ललनिनमाविया चुआंगो को हटाए जाने के बाद प्रदर्शनकारी पांच नवंबर तक हटने और राज्य से बाहर जाने की मांग कर रहे थे।

शशांक ने चुआंगो पर मिजोरम में ब्रू शरणार्थियों की मतदाता सूची में रिविजन को लेकर दखल देने का आरोप लगाया था। ब्रू शरणार्थी 1997 में हुई जातिय हिंसा के बाद से ही त्रिपुरा के राहत शिविरों में रहने को लेकर मजबूर हैं। राज्य सरकार समेत ज्यादातर मिजोरम के लोगों ने चुनाव आयोग के इस प्रस्ताव का विरोध किया जिसमें ब्रू को कैम्प में ही वोट देने की इजाजत और उन्हें मिजोरम में वापसी चाहते थे।

भारी विरोध प्रदर्शन के चलते चुनाव आयोग को अपने सीनियर अधिकारी को भेजना पड़ा ताकि वे प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रतिनिधि से बात करे।

राज्य में 28 नवंबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को एजवाल में शशांक ऑफिस के बाहर हजारों की तादाद में एकजुट हुए लोग उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद चुनाव आयोग की टीम जिनमें झारखंड के सीईओ ललबिक्थांगा खियांगटे, ईसी डायरेक्टर निखिल कुमा और ईसी सेक्रेटरी एस.बी जोशी ने मिजोरम एनजीओ कॉर्डिनेटिंग कमेटी और सिविल सोसायटी ग्रुप्स के साथ वार्ता की।

वार्ता के बाद कॉर्डिनेश कमेटी ने बुधवार को अपना प्रस्ताव दिया। जिसमें चुनाव आयोग के अप्रैल 2014 की कमिटमेंट की मिजोरम में भविष्य में किसी भी संसदीय और विधानसभा के चुनाव में राज्य के पड़ोस त्रिपुरा के शरणार्थी कैम्प में रह रहे लोगों को राज्य के अंदर ही वोट देने का अधिकार होगा। इसमें यह भी कहा गया था कि शशांक को उनके पद और राज्य से हटाया जाए।

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