लंबित सुधारों की दिशा में खास प्रगति नहीं होने पर जी-4 देश ने चिंता जताई

नई दिल्लीः भारत और अन्य जी4 देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में काफी समय से लंबित सुधारों की दिशा में खास प्रगति नहीं होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र की शक्तिशाली संस्था की वैधता और प्रामाणिकता के सुरक्षा मानकों के लिए अंतत: विषयवस्तु आधारित बातचीत शुरू करने का समय आ गया है।

जी4 देश- भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की वकालत कर रहे हैं। वे सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के एक दूसरे के प्रयासों का समर्थन करते हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र से इतर संरा में भारत के स्थाई मिशन में मंगलवार को आयोजित जी4 देशों की बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री एलोसियो नन्स फेरीरा, जर्मन विदेश मंत्री हीको मास और जापानी विदेश मंत्री तारो कोनो की मेजबानी की। सभी सदस्य देशों ने संरा में जल्द सुधार को जरूरी बताया।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर को एंटीगुआ के अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक में मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा सकती हैं। पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी ने हाल ही में कैरेबियाई देश एंटीगुआ की नागरिकता ली है। चोकसी सीबीआई का वांछित है।

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