विपक्षी एकता को लेकर समाजवादी पार्टी कांग्रेस पर नई शर्तें जा रही है थोपने

नई दिल्लीः एक तरफ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता आपसी मतभेद को खत्म कर गठबंधन को अंतिम मुकाम तक पहुंचने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। जबकि, तो वहीं दूसरी तरफ आगामी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण विपक्षी एकता को लेकर समाजवादी पार्टी कांग्रेस पर नई शर्तें थोपने जा रही है।

रविवार को समाजवादी पार्टी के एक सीनियर नेता ने इस बात के संकेत दिए कि पार्टी चाहती है कांग्रेस उत्तर प्रदेश में गठबंधन के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनाव में उसे सीट दें। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन है।

सपा के महासचिव किरन्मय नंदा ने रविवार को हिन्दुस्तान टाइम्स से बताया- “इन राज्यों में एक दूसरे के खिलाफ लड़ने और सिर्फ उत्तर प्रदेश में एक साथ चुनाव लड़ने से यह हास्यास्पद हो जाएगा।” हिन्दुस्तान टाइम्स ने 6 जून को यह बताया था कि समाजवादी पार्टी तीन हिंदी भाषी राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अपने पैर पसारना चाहती है। इन तीनों राज्यों में अगले महीने चुनाव होने जा रहा है।

इससे पहले, चुनाव राज्यों में गठबंधन को लेकर सीटों के बंटवारे पर बात करते हुए बहुजन समाज पार्टी ने भी कांग्रेस से देश के बाकी राज्यों में गठबंधन करने की मांग की थी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को दरकिनार करते हुए अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ गठबंधन कर पार्टी ने मध्य प्रदेश की 22 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने बीएसपी के साथ गठबंधन की उम्मीदें अभी नहीं छोड़ी है।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता यह उम्मीद कर रहे हैं कि आनेवाले दिनों में दोनों दलों के बीच डील तय हो जाएगी। सितंबर के मध्य में कांग्रेस और सपा के शीर्ष नेताओं ने संभावित गठबंधन के स्वरुपों को लेकर आपसी चर्चा की। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि यह बातचीत अंजाम तक नहीं पहुंच पाई क्योंकि सपा जातिगत समीकरण और सीटों के बंटवारे पर काफी सजग है।

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