दिल्ली के लिए महंगा साबित हुआ आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाना : जेटली

16TH_JAITLEY_1238522fदिल्ली के लिए महंगा साबित हुआ आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाना : जेटली
नई दिल्ली,। वित्‍तमंत्री अरूण जेटली ने कहा कि अरविन्‍द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को सत्‍ता में लाने का प्रयोग बहुत महंगा साबित हुआ। भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में जेटली ने कहा कि दिल्‍ली के लोगों ने चुनाव में एक नई पार्टी को आजमाया पर यह बहुत महंगा साबित हुआ है।जेटली ने कहा कि यह प्रयोग महंगा इसलिए है क्योंकि जो सरकार में आये शासन चलना उनके राजनीतिक एजेंडे में है ही नहीं। लेकिन जो दिल्‍ली में पिछले कुछ महीनों में हो रहा है उससे लगता है कि आने वाले वर्ष बहुत पीड़ा के होने वाले हैं और दिल्‍ली में सरकार चले और जन हित के लिए चले मैं तो चाहूंगा कि इतना बड़ा मेनडेट मिला है आम आदमी पार्टी की सरकार का वो अपनी जिम्‍मेवारी को समझे। लोगों को शासन चाहिए विवाद नहीं चाहिए और इसलिए जिम्‍मेदारी को समझकर उस जिम्‍मेवारी को निभाए।उन्होंने कहा कि दिल्ली में शासन करना छत्तीसगढ व जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों जैसा कठिन भी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित मध्यप्रदेश इस बाद का उदाहरण है कि राज्य कैसे खुद को बदल सकता है। जेटली ने कहा कि दिल्ली एक ग्लोबल सिटी बन सकती है। यहां व्यापार, पर्यटन आदि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस साल फरवरी में हुए चुनाव में भ्रष्टाचार से उपजी आम आदमी पार्टी से भाजपा बुरी तरह चुनाव हारी। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी को 67 व भाजपा को तीन सीटें मिलीं थी।जेटली ने कहा कि आम आदमी पार्टी को बडा जनादेश मिला है। ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेवारी समझनी चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि जनता शासन चाहती है, न कि विवाद। अगर वे अपनी इस जिम्मेवारी को नहीं समझते हैं, तो यह हमारी भी जिम्मेवारी है कि हम उन्हें समझायें। अरविंद केजरीवाल का दिल्ली की सरकार में काबिज होने का पिछला 100 दिन केंद्र के साथ तनावपूर्ण रहा है। नौकरशाहों की तैनाती पर उनके व उप राज्यपाल के बीच काफी तनाव बढ चुका है।राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि आम आदमी पार्टी के नेता अरिवंद केजरीवाल केंद्र व उप राज्यपाल के खिलाफ अपनी मुखर आवाज को दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में रूपांतरित करना चाहते हैं।उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने दिल्ली में शकुंतला गैमलीन को कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त किये जाने के सवाल पर एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ रार ठान ली है। केजरीवाल सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि उप राज्यपाल नजीब जंग के बीच इस मुद्दे पर ठकराव बढता जा रहा है। इस बीच केजरीवाल आज राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिल कर उप राज्यपाल की शिकायत करने वाले हैं।

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