नमामि गंगे परियोजना को धार देने में जुटी भाजपा

gangaनमामि गंगे परियोजना को धार देने में जुटी भाजपा

देहरादून, ८ मई (हि.स.)। गंगा को सदानीरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केन्द्र सरकार की पहल धीरे-धीरे रंग लाने लगी है। अब नमामि गंगे के सदस्य एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदूषण को मिटाने वाले कामों को धार देने की तैयारी चल रही है।यह जानकारी स्वयं त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने प्राथमिक कामों को प्रारंभ कर दिया हैइसमें गंगा को निर्मल बनाने के लिए प्रदूषण एवं कचरा मुक्त बनाने का कार्य प्रारंभ हो गया है यह कार्य गंगा और उनकी सहायक नदियों पर प्रारंभ हो गया है। उन्होंने बताया कि 31 स्थानों का चिह्नीकरण कर लिया गया है जहां ट्रीटमेंट योजना चालू होगी। 24 शुद्धिकरण योजनाएं प्रारंभ हो गई है जबकि 30 और योजनाएं शीघ्र ही प्रारंभ होने वाली है। श्री रावत ने बताया कि 5 राज्यों से होकर गुजरने वाली श्रेष्ठ नदी गंगा को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और बंगाल सभी 5 राज्यों में शुद्धिकरण की जरूरत है। इसके लिए केन्द्र लगातार प्रयासरत है तथा राज्यों के सहयोग से यह समस्याएं और जल्दी निपटाई जा सकती है। श्री रावत ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना में 12 विभागों का जुड़ाव हैं। इन मंत्रालयों के कारण परियोजना के प्रारंभ होने में देरी हुई। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब इन मंत्रालयों के सचिव गण आपसी सामंजस्य बनाकर काम कर रहे है। उन्होने बताया कि इन 5 राज्यों में 118 नगरपालिकाओं.पंचायतो. निगमों का कार्यक्षेत्र है। इन पांचों राज्यों ने गंगा को शुद्ध करने का कार्य प्रांरभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण यह कार्य देरी से प्रारंभ हुआ। इस कार्य के निमित्त 27 हजार करोड़ रूपये जारी कर दिए है लेकिन श्री रावत ने कहा कि इस संबंध में राज्यों का रूख सकारात्मक नही है। उन्होने कहा कि यही कारण है कि गंगा के प्रति पे्रमी लोगों को प्रदेश सरकार के इन कदमों से अच्छी राहत नही मिली है। उन्होने बताया कि कांग्रेस सरकार को मां गंगा सदबुद्धि है इसके लिए भी प्रार्थना करेंगे।इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में वीरेन्द्र बिष्ट, महेन्द्र भट्ट, डा. धनसिंह रावत, उमेश अग्रवाल, ऊर्बादत्त भट्ट, जितेन्द्र नेगी, सुनील उनियाल गामा, सीताराम भट्ट, रंजीत भंडारी तथा अभिमन्यू कुमार समेत तमाम भाजपा नेता उपस्थित थे। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि देवभूमि में इन दिनो अव्यवस्थाओं का बोल-बाला है खनन के नाम पर पूरा खेल चल रहा है। उन्होने साफ कहा कि वह वैध खनन के विरोधी नही है वैध खनन हर हालात में होना चाहिए पर अवैध खनन को रोक लगनी चाहिए।सुरा परोसना गंगा का अपमानपर्यटन विभाग द्वारा हाऊस बोर्ड योजना जो टिहरी झील में चलाई जा रही है में पर्यटकों को शराब और मांस दोनों परोसे जाने का पुरजोर विरोध करते हुए नमामि गंगे दल के केन्द्रीय सदस्य त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने साफ कहा कि उत्तराखंड सरकार की घटिया मानसिकता की प्रतीक है।जिस मांग गंगा को पवित्र बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार बड़े प्रकल्प ला रही है उसी मां गंगा में उत्तराखंड सरकार पर्यटकों को मांस और शराब परोसकर टिहरी से ही गंगा को और गंदा करना चाहती है। उन्होने कहा कि इस परियोजना का भाजपा पुरजोर विरोध करेगी। उन्होने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित तथा देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक महत्व को देखते हुए वह स्वयं इस परियोजना का स्वरूप बदले ताकि पतित पावनी गंगा को पवित्र रखा जा सके।

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