Homeराजनीतिबुरे दिन वालों को अच्छे दिन नसीब कहाँ: नरेन्द्र मोदी

बुरे दिन वालों को अच्छे दिन नसीब कहाँ: नरेन्द्र मोदी

pm-modi-speaking-in-mathura_650x400_71432553566बुरे दिन वालों को अच्छे दिन नसीब कहाँ: नरेन्द्र मोदी
मथुरा, 25 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के गांव नगला चंद्रभान में आयोजित जनकल्याण पर्व रैली को सम्बोधित करते हुये विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लोगों से पूछा कि भाजपा सरकार बनने के बाद बुरे दिन गए या नहीं। उन्होंने कहा कि अब जिनके बुरे दिन आए हैं वह चीख रहे हैं और चिल्ला रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जिनके बुरे दिन अब आए हैं उनके अच्छे दिन आने की अब कोई गारंटी नहीं है।‘‘मोदी ने कहा कि ब्रज की भूमि के कण-कण में श्रीकृष्ण का वास है। सरकार चाहती तो एक वर्ष पूरा होने का जश्न किसी भी दिल्ली जैसे बड़े शहर में कर सकती थी लेकिन इसके लिए मथुरा को चुना गया।उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, गांधी और लोहिया को अपना प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन तीन महापुरुषों ने देश की राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने इन्हें भारतीय राजनीति का मार्गदर्शक बताया।
यूपीए सरकार पर सवाल उठाते हुए मोदी ने अपने संबोधन में यूपीए को घोटालों की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान भारत की धाक पूरी दुनिया में बढ़ी है। देश में घोटालों की सरकार का खात्मा हुआ है और भ्रष्टाचार में गिरावट आई है।उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के शासनकाल में किसी तरह के घोटाले की खबर किसी ने नहीं सुनी होगी। जबकि यूपीए सरकार में यह बेहद आम बात थी। उन्होंने देश की राजनीति में बदलाव लाने के लिए लोगों का शुक्रिया भी अदा किया।मोदी ने कांग्रेस को परिवारवाद की राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि देश की जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलाकर परिवारवाद की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका।प्रधानमंत्री ने कहा कि पं दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के आदर्शों से प्रेरणा लेकर ही कई योजनाओं की शुरूआत की गयी। उन्होनंे कहा कि जिस सादगी में पंडित जी ने जीवन बिताया और जिस सादगी के साथ जीवन जिया वह सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है।नगला चंद्रभान में स्थित दीनदयाल धाम में उनकी प्रतिमा को श्रद्धांजलि देने के बाद मोदी ने कहा कि देश के किसी भी कोने में पर्यावरण की रक्षा कैसे करनी चाहिये, महिला सशक्तिकरण कैसे हो किसी गांव का समुचित विकास कैसे हो यह दीनदयाल जी के जीवन से सीखा जा सकता है।मोदी ने कहा कि इस पवित्र जगह पर आने का अवसर मिला इसका मैं सदैव आभारी रहूंगा। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय अध्यक्ष से स्वयं मैंने दीन दयाल धाम आने का आग्रह किया था। इसके साथ ही अटल जी के गांव जाने और डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के गांव जाने की बात जेहन में आयी थी।‘‘
मोदी ने कहा कि दीनदयाल धाम से जो प्रेरणा मिलेगी वह आगे आने वाले समय में काफी काम करेगी। जिस संकल्प को लेकर हम चले हैं उसमें एक नया संचार होगा।उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में इस रैली का आयोजन किया गया है। यहां से पीएम कुछ नई योजनाओं की शुरुआत भी कर सकते हैं। केंद्र सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर भाजपा ने इसको जनकल्याण पर्व का नाम दिया है। इसकी शुरुआत आज से हो रही है।

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