महिला प्रशिक्षुओं के खुदकुशी मामले की जांच कानून करेगा, सरकार या साई नहीं- श्रीनिवास

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नई दिल्ली, । अलपुझा में साई सेंटर पर चार महिला प्रशिक्षुओं के खुदकुशी के प्रयास के मामले में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के महानिदेशक इंजेती श्रीनिवास ने आज कहा कि वह ‘गड़बड़ी’ की आशंका से इनकार नहीं करते लेकिन यह पता करना उनकी एजेंसी या सरकार का काम नहीं है कि उन लड़कियों को ऐसा कदम उठाने के लिये किसने मजबूर किया। अलपुझा में साई के जल क्रीडा केंद्र में सीनियरों द्वारा कथित प्रताड़ना के चलते चार युवा खिलाड़ियों ने आत्महत्या की कोशिश की जिसमें अपर्णा रामभद्रन की मौत हो गई जबकि तीन अस्पताल में हैं।उन्होंने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हो सकता है कि कुछ गड़बड़ हो। कुछ हुआ था लेकिन इन लड़कियों को ऐसा कड़ा कदम उठाने पर किस चीज ने मजबूर किया, यह कानून बतायेगा। मैं खेलमंत्री के निर्देश पर प्रशासनिक आकलन करने गया था। मैं खेलमंत्री को रिपोर्ट दूंगा और वह तय करेंगे कि हमें क्या करना है।’’श्रीनिवास ने कहा, ‘‘मौत से पहले का बयान, सुसाईड पैक्ट, जीवित बची लड़कियों और साई सेंटर के बाकी प्रशिक्षुओं के पुलिस द्वारा लिये गए बयान है लेकिन मैं इनके बारे में कैसे बोल सकता हूं। यह हमारा काम नहीं है बल्कि कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों का है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा मामला है जिसमें कई एजेंसियां जांच कर रही हैं जिनमें पुलिस और मानवाधिकार आयोग शामिल है। मैं इसके बारे में कोई बयान नहीं दे सकता।’’ यह पूछने पर कि क्या सीनियरों द्वारा प्रताड़ित किये जाने के कारण इन लड़कियों ने यह कदम उठाया, श्रीनिवास ने कहा, ‘‘मैंने साई वार्डन से बात की और दूसरे खिलाड़ियों से भी पूछा लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं लड़कों के होस्टल भी गया और लड़कों से भी बात की लेकिन उन्हें भी नहीं पता कि क्या हुआ होगा। अभी तक की पूछताछ से आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।’’

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