Posted On by &filed under टेक्नॉलोजी.


e15a5550-4c04-4e88-9559-25fce16d3cc9WallpAutoWallpaper2वैज्ञानिकों ने किया गाजीपुर लैंडफील साइट का दौरा
नई दिल्ली,। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज पूर्वी दिल्ली नगर निगम के गाजीपुर लैण्डफिल स्थल में केन्द्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ ए बी आकोलकर सहित 100 वैज्ञानिकों ने दौरा कर परिचर्चा में भाग लिया । इस अवसर पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मुख्य अभियंता प्रदीप खंडेलवाल एवं आई.एल.एण्ड एफ.एस. एवं गेल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे ।गाजीपुर में स्वचालित अपशिष्ट संसाधित संयत्र तथा उपशिष्ट से ऊर्जा संयत्र का कार्य आई.एल. एंड एफ.एस. द्वारा पूर्वी दिल्ली नगर निगम में किया जा रहा है, जिससे वैज्ञानिक तरीके से कूड़े से बिजली बनाने का कार्य गाजीपुर में चल रहा है। इस अवसर पर खंडेलवाल ने बताया कि तकरीबन 1 लाख टन अपशिष्ट पदार्थ हर माह गाजीपुर लैंडफील साइट में आते है । उन्होंने बताया कि इस अपशिष्ट पदार्थों से 28 प्रतिशत मीथेन गैस की प्राप्ति होती है जिसमें गेल इंडिया लिमिटेट द्वारा 127 मैट्कि क्यूब उर्जा उत्पादित की जाती है। उन्होंने बताया कि 1300 टन प्रतिदिन कूड़े को संशोधित कर 12 मेगावाट हरित ऊर्जा बनाने के लिए इस साइट को स्थापित किया गया है।परिचर्चा के दौरान बताया गया कि बढ़ते शहरीकरण के कारण ठोस अपशिष्ट पदार्थों की भी अधिकता हो रही है इसका निष्तारण एक बड़ी चुनौती बन कर निकायों के सामने उभरा है। विशेषज्ञों के अनुसार खाली भूमि के अभाव के चलते अब नये लैंडफील साइटों का खुलना असंभव है और साथ ही पुराने लैंडफील साइटों की क्षमता को नहीं बढ़ाया जा सकता। इस दौरान बताया गया की इस तरह के साइटों से वायु, जल प्रदुषण के साथ ही भूमिगत जल भी प्रदुषित होता है। दिल्ली शहर द्वारा प्रतिदिन 8000 मैट्कि टन अपशिष्ट पदार्थ भलस्वा, ओखला फेज व गाजीपुर में लैंडफील साइट में निष्तारण किया जाता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *