छोटे से गांव से निकले इस खिलाड़ी को हिमाचल ओलंपिक खेल ने दिए पंख

रोहित वर्मा एक युवा खिलाड़ी है जो अपनी प्रतिभा, अपनी लगन, और कड़ी मेहनत से शिमला के एक छोटे से गाँव से निकल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खो खो जैसे खेल में अपनी जगह बना पाया ! अक्सर हमे ऐसे खेलो के खिलाड़ियों के बारे में पता ही नहीं होता, पर बेशक अन्य खेलो के खिलाड़ियों की तरह ये खिलाड़ी भी कड़ी मेहनत करते है, इन्ही में से एक है खो खो में भारत के लिए इंग्लैंड में टूर्नामेंट खेल चुके महज १६ साल के रोहित वर्मा ! इस युवा खिलाडी का मात्र एक ही सपना है की खो-खो को अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक खेलो में जगह मिले और ये युवा खिलाडी भारत को स्वर्ण पदक दिला पाये ! इसी जज्बे के साथ ये खिलाड़ी शिमला की तरफ से हमीरपुर में हो रहे हिमाचल प्रदेश राजकीय ओलिंपिक खेलो में हिस्सा लेने आया है! बेहद जुनूनी इस युवा खिलाडी को अपनी मेहनत और लगन पर बेहद भरोसा है, और ये खिलाड़ी यहाँ भी अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है !
खेलेगा युवा, जीतेगा हिमाचल के नारे के साथ हिमाचल राजकीय ओलिंपिक खेलो का श्री अनुराग ठाकुर द्वारा आगाज किया गया था, जब रोहित से पूछा गया आप खेलेगा युवा, जीतेगा हिमाचल से क्या समझते हो तो उसका जवाब बेहद संजीदा था, रोहित ने कहा ” खेलेगा युवा, जीतेगा हिमाचल का सिर्फ एक मतलब है की यहाँ हो रही प्रतीस्पर्धाओं में विजेता चाहे जो हो पर जीत केवल हिमाचल की होगी, क्यूंकि ऐसे मौके और किसी राज्य में नहीं मिलते ! युवाओं में खेल भावना जाग्रत हुई है और अगर हिमाचल प्रदेश ऐसे ही अपने खिलाड़ियों को प्रोत्साहना के साथ साथ मौके भी देता रहेगा तो वो दिन दूर नहीं जब हिमाचल प्रदेश में हर घर में एक ओलम्पियन होगा, जो अपने देश का नाम दुनिया भर में रोशन करेगा !
युवाओं को सन्देश देते हुए इस खिलाड़ी ने कहा ” आज के समय में युवा छोटी सी उम्र में ही नशे के दलदल में फस जाते है और अपने भविष्य को अंधकारमय कर लेते है, खेलो के विकास से इसमें कमी आएगी, और अनुराग ठाकुर जी द्वारा चलाई गई ये मुहीम काफी हद तक कामगर साबित भी हुई है !

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