नोटबंदी के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं वित्त मंत्री जेटली को देश से माफी मांगनी चाहिए : कांग्रेस

नोटबंदी के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं वित्त मंत्री जेटली को देश से माफी मांगनी चाहिए : कांग्रेस
के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं वित्त मंत्री जेटली को देश से माफी मांगनी चाहिए :

कांग्रेस ने नोटबंदी की घोषणा होने के एक वर्ष पूरा होने पर कहा कि प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को आज के दिन इस निर्णय के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए । पार्टी ने सरकार से यह भी सवाल किया कि आखिर इस फैसले से हासिल क्या हुआ।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘नोटबंदी एवं जीएसटी का प्रभाव अब पूरे देश में महसूस किया जा रहा है। यह केवल कांग्रेस नहीं बल्कि लगभग प्रत्येक अर्थशास्त्री का मानना है। .. इसके कारण न केवल भारत की विकास गाथा थम गयी है बल्कि लाखों लोग रोजगारहीन हो गये।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। अच्छा होता कि आज के दिन (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदीजी और (वित्त मंत्री अरूण) जेटली देश से माफी मांगते कि उनसे गलती हो गयी है और वे इसकी जांच करायेंगे। माफी मांगने से कोई छोटा नहीं होता। किन्तु वे सत्ता के अहंकार में इतना चूर हैं कि वह कभी ऐसा नहीं करेंगे। ’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की घोषण कर 130 करोड़ भारतीयों को अपराधी घोषित कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि गृहिणिया, छोटे व्यापारी, किसान, मजदूर जो लोग नकदी में लेनदेन करते हैं वे क्या अपराधी हैं।

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘(नोटबंदी का) एक वर्ष बीत गया। पर सूट-बूट वाली सरकार द्वारा लगायी गयी आग को जनता आज भी अपने आंसुओं से बुझा रही है। ‘न खाऊंगा न खाने दूंगा’ कहने वाले नोटबंदी के नाम पर इस देश की अर्थव्यवस्था एवं लोगों के रोजगार को खा गये और अब जश्न मना रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के समय इसके तीन लक्ष्य बताये गये थे…काले धन पर लगाम लगाना, जाली मुद्रा को पकड़ना तथा उग्रवाद एवं नक्सलवाद का खात्मा। उन्होंने कहा, ‘‘जब 99 प्रतिशत मुद्रा वापस आ गयी तो फिर काला धन कहां गया? कहां गये फर्जी नोट? क्या उग्रवाद एवं नक्सलवाद रूका? अगर यह सब नहीं हुआ तो नोटबंदी की तालाबंदी क्यों की गयी?’’ कांग्रेस नेता ने नोटबंदी के एक साल पूरा होने के अवसर पर लोगों का ध्यान बंटाने के लिए सीबीआई का उपयोग करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि गुडगांव में कुछ माह पहले एक स्कूली बच्चे प्रद्युमन की हत्या के मामले में एक सनसनीखेज मोड़ दिया गया है।

उन्होंने इस मामले की चर्चा करते हुए सुरजेवाला ने कहा, ‘‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को धमकाने तथा ‘कम्प्रोमाइज ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन’ (सीबीआई) का दुरूपयोग भाजपा की कठपुतली की तरह करने से सत्य को कभी छिपाया नहीं जा सकता।’’ कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा कि उसे आज के दिन यह भी बताना चाहिए कि आखिर इस नोटबंदी से हासिल क्या हुआ? उन्होंने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था को तीन लाख करोड़ रूपये से अधिक का नुकसान हुआ। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दो प्रतिशत कम हो गयी। उद्योग चौपट हो गये। साथ ही संगठित क्षेत्र में 15 लाख और असंगठित क्षेत्र में 3.72 करोड़ लोगों की नौकरियां चली गयीं।

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘बैंकों की लाइनों में खड़े रहने के दौरान 150 लोगों की जान चली गयी। भारतीय रिजर्व बैंक की स्वायत्तता को तहस-नहस कर दिया गया। मंत्रिमंडल को तीन घंटे तक कमरे में बंद रखा गया।(नोटबंदी की घोषणा के लिए) न किसी विशेषज्ञ की राय ली गयी और न किसी अर्थशास्त्री की।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोटबंदी की घोषणा से पहले देश भर में भाजपा की विभिन्न इकाइयों द्वारा बैंकों में धन जमा कराया गया और संपत्तियों की खरीद की गयीं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की अभी तक कोई जांच नहीं करवायी गयी है।

( Source – PTI )

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