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देश में बिजली पारेषण व्यवस्था साइबर हमले से पूरी तरह सुरक्षित: पावर ग्रिड

देश में बिजली पारेषण व्यवस्था साइबर हमले से पूरी तरह सुरक्षित: पावर ग्रिड

सार्वजनकि क्षेत्र की कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन आफ इंडिया का कहना है कि देश में उसकी बिजली पारेषण व्यवस्था को साइबर हमले से कोई खतरा नहीं है क्योंकि इसके ग्रिड इंटरनेट से जुड़े नहीं है। कंपनी की अपनी संचार प्रणाली है जिसके जरिये यह संचालित होता है। रैंसमवेयर समेत दुनिया भर में हो रहे साइबर हमलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच पावर ग्रिड ने यह बात कही है।

पावर ग्रिड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आई एस झा ने ‘भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘निश्चित रूप से साइबर हमला एक चुनौती है लेकिन हमने अपना ग्रिड ऐसा बनाया है जो इंटरनेट से जुड़ा नहीं है। हमारी अपनी संचार प्रणाली है जिससे यह संचालित होता है। इसमें सेंध लगने की संभावना नहीं है।’’ उल्लेखनीय है कि हाल में भारत समेत दुनिया भर में साइबर हमले हुए हैं। वानाक्राई, रैंसमवेयर से जुड़े साइबर हमले में भारत के सबसे बड़े बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के तीन टर्मिनल में से एक टर्मिनल पर कामकाज प्रभावित हुआ था।

उन्होंने कहा, ‘‘इतना जरूर है कि हमला करने वाले दूर की सोचते हैं लेकिन हमारी प्रणाली पूरी तरह मजबूत है और हम पूरी व्यवस्था पर 24 घंटे चौकसी रख रहे हैं।’’ झा ने यह माना कि देश में ग्रिड जुड़े हुए हैं। बिजली एक जगह से दूसरी जगह जा रही है इसे बनाये रखना एक बड़ी चुनौती है। देश में बिजली उत्पादन की स्थापित क्षमता 3.30 लाख मेगावाट है जिसमें से 50 प्रतिशत से अधिक पारेषण की जिम्मेदारी पावर ग्रिड संभाल रही है।

पावर ग्रिड के समक्ष अन्य चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ग्रिड लगाने को लेकर अभी एक बड़ी चुनौती जमीन की है। लोग खासकर शहरी क्षेत्रों में जमीन नहीं देना चाहते क्योंकि उनको लगता है कि इससे उनकी जमीन का मूल्य कम होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहले जहां ग्रिड लगानी होती थी, उस जमीन के लिये केवल फसल का मुआवजा देते थे लेकिन अब जमीन का भी मुआवजा देते हैं। हम मुआवजा बढ़ा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद लोग जमीन नहीं देना चाहते हैं जो एक बड़ी चुनौती है।’’ ग्रिड के विस्तार से जुड़े एक सवाल के जवाब में पावर ग्रिड के सीएमडी ने कहा, ‘‘हमने चालू वित्त वर्ष के लिये 10,000 सर्किट किलोमीटर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है। लेकिन यह लक्ष्य से अधिक होगा।’’ पूंजी व्यय के बारे में पूछे जाने पर झा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में हमने 25,000 करोड़ रुपये के पूंजी व्यय का लक्ष्य रखा है। इसमें सितंबर के मध्य तक 10,000 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। अगले वित्त वर्ष में भी हम 25,000 रुपये से 30,000 करोड़ रुपये तक खर्च करेंगे।’’

( Source – PTI )

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