नक्सल रोधी अभियान पर राजनाथ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक

नक्सल रोधी अभियान पर राजनाथ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
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की अध्यक्षता में आज हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में माओवाद प्रभावित इलाकों में मानव खुफिया तंत्र को मजबूत करने का फैसला किया गया ताकि नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल सुरक्षा बलों के हताहत होने की घटनाओं को कम किया जा सके।

में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों के मारे जाने के दो दिन बाद हुई बैठक में खुफिया जानकारी एकत्रित करने की प्रणाली को दुरस्त करने, चल रहे अभियानों का सावधानी से विश्लेषण करने, समस्या के क्षेत्रों की पहचान करने तथा बेहतर परिणामों के लिए उन समस्याओं का समाधान निकालने पर जोर दिया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव महषर्ि और अन्य समेत शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने नक्सल रोधी रणनीति के पुन: समायोजन पर ध्यान केंद्रित किया और इस बारे में चर्चा की कि इसे और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए तथा जवानों के हताहत होने के मामलों को कैसे कम किया जाए।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर गुरिल्ला हमला करने वाले नक्सलियों ने स्थानीय आदिवासियों के घरों में शरण ली थी जिसके बारे में सुरक्षा बलों को भनक तक नहीं लगी थी। इस तरह की रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में ही मानव खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने की बात उठी है।

बैठक में शामिल हुए एक अधिकारी ने कहा कि अगर खुफिया जानकारी एकत्रित करने वाला तंत्र पर्याप्त तौर पर मजबूत होता तो घटना से बचा जा सकता था। इसलिए आने वाले दिनों में स्थानीय आबादी के साथ और अधिक सहभागिता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हालिया घटनाओं के बाद नक्सल रोधी अभियानों में कोई ढील नहीं पड़नी चाहिए। बल्कि अभियान को और तेज किया जाना चाहिए।

( Source – PTI )

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