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एनपीएस की परिसंपत्ति, अंशधारकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि

एनपीएस की परिसंपत्ति, अंशधारकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि

नेशनल पेंशन सिस्टम :एनपीएस: में पिछले छह साल से अधिक समय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पेंशन नियामक पीएफआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

पीएफआरडीए के निवर्तमान पूर्णकालिक सदस्य :वित्त: आर वी वर्मा ने कहा, ‘‘मार्च 2010 में एनपीएस के प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां :एयूएम: केवल 4,679 कराड़ रपये थी जो मार्च 2016 में उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 1,18,801 करोड़ रपये और दिसंबर 2016 में 1,61,016 करोड़ रपये पर पहुंच गयीं।’’ वर्मा ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘इस दौरान अंशधारकों की संख्या भी 7.76 लाख :मार्च 2010: से बढ़कर 141.88 लाख पर पहुंच गयी।’’ हालांकि वर्मा ने कहा कि इसमें बड़ी हिस्सेदारी सरकारी क्षेत्र की है। केंद्र तथा राज्य कर्मचारियों की कुल एयूएम में हिस्सेदारी करीब 88 प्रतिशत है जबकि अंशधारकों की संख्या के मामले में इनकी हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि पीएफआरडीए के नियमन दायरे में आने वाला एनपीएस अभी निजी क्षेत्र और कंपनी क्षेत्र के कर्मचारियों के मामले में पहली पसंद नहीं बन पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हालांकि, विभिन्न नीतिगत कदमों के जरिये एनपीएस के विस्तार पर जोर दिया है लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि :ईपीएफ: और लोक भविष्य निधि :पीपीएफ: जैसे अन्य कोषों के मुकाबले कर लाभ में असामनता होने की वजह ने एनपीएस के विस्तार को सीमित किया है।

सरकार ने पिछले बजट में एनपीएस से निकाली गई राशि पर 40 प्रतिशत तक कर छूट देने की घोषणा की थी। सरकार का इरादा ईपीएफओ अंशधारकों को एनपीएस के मंच पर लाना है।

( Source – PTI )

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